क्रिकेट को लेकर Sachin Tendulkar में कितना जुनून है, इसका पता उनकी इन बातों से चलता है। वह मैदान में उतरने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
नई दिल्ली : क्रिकेट के भगवान के नाम से पहचाने जाने वाले जेंटलमैन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का आज 24 अप्रैल को 47वां जन्मदिन है। हालांकि कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण कोरोना वारियर्स (Corona Warriors) के समर्थन में वह इस साल अपना जन्मदिन नहीं मना रहे हैं। आइए इस खास मौके पर जानते हैं उनके बारे में कुछ ऐसी बातें, जो बहुत कम लोग जानते हैं। सचिन की इन अनजानी बातों को जान जाएंगे कि क्रिकेट के प्रति उनमें कितना जुनून था।
14 साल की उम्र में उतरे पाकिस्तान की तरफ से
बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन इससे दो साल पहले वह पाकिस्तान की तरफ से एक मैच में मैदान में उतर चुके थे। बात 1987 जनवरी-फरवरी की है, जब पाकिस्तान की टीम वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारत दौरे पर आई थी। जहां दोनों देशों के बीच वनडे और टेस्ट सीरीज खेली जानी थी। सीरीज से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच एकदिवसीय वार्मअप मैच खेला जाना था। इसमें सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान की तरफ से क्षेत्ररक्षण के लिए उतरे थे।
सचिन ने खुद किया था आग्रह
सचिन तेंदुलकर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'प्लेइंग इट माय वे' में इस घटना का जिक्र किया है। सचिन ने बताया कि यह मैच मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेला जा रहा था। लंच के बाद पाकिस्तान के मध्यक्रम के बल्लेबाज जावेद मियांदाद और दिग्गज लेग स्पिनर अब्दुल कादिर लंच के क्षेत्ररक्षण के लिए नहीं उतरे थे। तब उन्होंने मेहमान टीम के पास जाकर पूछा था कि क्या वह उनकी तरफ से क्षेत्ररक्षण कर सकते हैं। तब उन्होंने सचिन को अनुमति दे दी थी। इतना ही नहीं, इसके कुछ ही महीने बाद भारत में आईसीसी एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप हुआ था, उसमें वह बॉल बॉय के रूप में भी दिखाई दिए थे।