
Sachin Tendulkar on Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के रिकॉर्डतोड़ आईपीएल 2026 अभियान ने उन्हें भारतीय सीनियर टीम में लाने के मुद्दे गरमा दिया है। क्रिकेट फैंस से लेकर दिग्गज क्रिकेटर सूर्यवंशी का जल्द से जल्द टीम इंडिया के लिए डेब्यू कराने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का कहना है कि हर कोई वैभव को टेस्ट क्रिकेट में देखना चाहेगा, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी है कि वह नैचुरली डेवलप होने पर फोकस करें।
क्रिकइंफो ऑनर्स अवार्ड्स 2026 में जब सचिन तेंदुलकर से सूर्यवंशी के फ्यूचर के बारे में पूछा गया कि क्या राजस्थान रॉयल्स का यह सेंसेशन ऑल-फॉर्मेट प्लेयर बन सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि इस प्लेयर को अपनी इंस्टिंक्ट पर भरोसा करते रहना चाहिए, जिसने उसे पहले ही दुनिया के सबसे एक्साइटिंग यंग क्रिकेटरों में से एक बना दिया है। मैं वैभव से कहूंगा कि वह जैसा है वैसा ही रहे। हमेशा एक पहला मौका होता है। टेस्ट क्रिकेट में समय और उम्र के साथ वह अलग-अलग चुनौतियों से निपटना सीखेगा, साथ ही सॉल्यूशन-ओरिएंटेड माइंडसेट भी रखेगा।
तेंदुलकर ने बताया कि हर बैट्समैन अपने करियर में सवालों का सामना करता है और सफलता अक्सर सही जवाब खोजने से मिलती है। प्रॉब्लम हमेशा रहेंगी, आपके करियर के आखिरी दिन तक, जब तक आप आखिरी बॉल का सामना नहीं करते। बॉलर हर बॉल पर आपसे एक सवाल पूछ रहा है। अब, आप क्या सॉल्यूशन ढूंढते हैं?
उन्होंने सूर्यवंशी के नेचुरल स्टाइल में दखल देने के खिलाफ भी वॉर्निंग दी। उन्होंने कहा कि वह उस तरह का प्लेयर है, जो बहुत कॉन्फिडेंट और जो वह करना चाहता है, उसे लेकर बहुत श्योर दिखता है। मैं उसके नेचुरल इंस्टिंक्ट्स में दखल नहीं देना चाहूंगा, क्योंकि जिस तरह से वह बॉल को देखता है और जिस तरह से वह उस पर रिस्पॉन्ड करता है, वह इंपॉर्टेंट है।
सचिन ने आगे कहा कि अगर वह सिग्नल इंटरप्ट होता है, तो यह एक रियल चैलेंज होगा। मैं उसे बाहर जाकर वैसे ही बैटिंग करने की फ्रीडम दूंगा, जैसे वह करता है। तेंदुलकर का यह कमेंट एक शानदार आईपीएल सीजन के बाद आया है, जिसमें सूर्यवंशी ने ऐसे कारनामे किए, जो टूर्नामेंट में पहले कभी नहीं देखे गए।
वैभव के भविष्य को लेकर बढ़ते उत्साह के बावजूद तेंदुलकर का मानना है कि सपोर्टर्स को उस पर ज्यादा दबाव डालने के बजाय उसकी हिम्मत बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। सिर्फ मैं ही नहीं, हर कोई उसे किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। मुझे नहीं पता कि ऐसा कब होगा, लेकिन एक रोमांचक टैलेंट को हिम्मत देने की जरूरत होती है।
इसके साथ ही सचिन ने कहा कि फैंस को सूर्यवंशी को आगे बढ़ते हुए देखने का मजा लेना चाहिए, न कि लगातार इस बात पर बहस करनी चाहिए कि उसे कब आगे बढ़ना चाहिए। अगर वह अच्छा कर रहा है, तो हमें उसे हिम्मत देनी चाहिए और सपोर्ट करना चाहिए और सबसे बढ़कर, उसे देखने का मजा लेना चाहिए, न कि लगातार उस पर दबाव डालना चाहिए।
तेंदुलकर ने यह भी साफ किया कि इंडिया की टीम के बारे में फैसले सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट के पास ही रहने चाहिए। उसे खेलना चाहिए या नहीं, उसे कुछ नहीं करना चाहिए या उसे किसी खास टीम में चुना जाना चाहिए या नहीं, यह उन लोगों पर छोड़ दें, जो ये फैसले लेने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने अंत में कहा कि सूर्यवंशी को जैसा है वैसा ही रहने दें। रन, रिकॉर्ड और मौके अपने आप मिल सकते हैं, लेकिन जिस निडर रवैये ने उन्हें इतना बड़ा बनाया है, उसे बनाए रखना सबसे जरूरी बात है।