
Sanju Samson Interview : नई दिल्ली। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौर को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया है। सैमसन ने बताया कि जब उन्हें शुरुआती मुकाबलों में प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया था, तब कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि टूर्नामेंट में उनकी अहम भूमिका होगी। हालांकि, निराशा के उस दौर में वे रोहित की बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। बाद में सैमसन ने वापसी करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जिताऊ पारी खेलकर भारत के अभियान को नई पहचान दी।
न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के बाद के मुश्किल दौर को याद करते हुए सैमसन ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा कि सच कहूं तो उस समय मुझे रोहित की बात पर भरोसा नहीं हुआ। इसके लिए माफी चाहता हूं। हो सकता है कि उन्होंने दिल या अपने अनुभव के आधार पर कहा हो, लेकिन उस दिन मैं वह नहीं देख पा रहा था जो वे देख रहे थे। मेरे चेहरे से साफ जाहिर हो रहा था कि मैं उस दिन थोड़ा परेशान था।
सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के दो दिन बाद ही विश्व कप का अभियान शुरू हो गया था, जबकि मुझे किसी नाकामी से उबरने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। उन्होंने कहा कि वे अपनी भावनाओं को छिपा नहीं पाते और करीब चार-पांच दिनों के संघर्ष के बाद उन्होंने खुद को दोबारा मानसिक रूप से तैयार किया।
सैमसन ने कहा कि जब आपको पता होता है कि आप असफल हो चुके हैं, तो अगला कदम क्या होगा? आप सबसे निचले स्तर पर होते हैं, इसलिए वहां से आप सिर्फ ऊपर ही जा सकते हैं। मैंने खुद से सवाल पूछना शुरू किया कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं? मेरा मकसद क्या है? विश्व कप के दौरान ही मैं खुद को नए सिरे से तलाश रहा था और फिर सब कुछ सही होता चला गया।
संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में उनकी मैच जिताऊ पारी की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि यह उन खास दिनों में से एक था, जब मैदान पर सब कुछ उनके मन मुताबिक हो रहा था। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद मैंने इस मुकाबले के लिए बहुत बेहतर तैयारी की थी। आईपीएल और भारतीय टीम के लिए खेलते हुए कई बार ऐसे दिन आए हैं जब मैंने शतक बनाए हैं और सब कुछ बिल्कुल सही लगा है।
सैमसन ने कहा कि मैंने अपने करियर में इतनी पारियां खेली हैं कि मुझे अच्छी तरह पता होता है कि मैंने कौन-सा शॉट कब और कैसे खेला है। लेकिन उस मैच में कुछ शॉट्स ऐसे भी थे, जिन्हें देखकर मैं खुद हैरान रह गया कि आखिर मैंने वह शॉट कैसे खेल लिया! उन्होंने कहा कि मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि यह ऐतिहासिक पारी मेरे बल्ले से निकली और मैं संकट के समय अपनी टीम की मदद कर पाया। मैदान का वह खास पल मेरी जिंदगी की आखिरी सांस तक मेरे दिल में रहेगा। वह मेरे लिए बहुत खास था।