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इंदौर के ‘जहरीले’ पानी से डरी टीम इंडिया! कप्तान गिल साथ लाए 3 लाख का वॉटर प्यूरीफायर, कोहली बोतलों का पूरा बैग ढोते नजर आए!

शुभमन गिल ने अपने होटल रूम में एक खास तरह का वॉटर प्यूरीफायर लगवाया है। यह आरओ से शुद्ध किए गए और पैकेज्ड बोतलबंद पानी को भी दोबारा शुद्ध करने में सक्षम है।

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Jan 18, 2026
शुभमन गिल ने अपने होटल रूम में लगवाया वॉटर प्यूरीफायर (photo - IANS)

India vs New Zealand, 3rd ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरोज का आखिरी मुक़ाबला इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। हालही में देश का सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी की वजह से कई बच्चों की मौत हो गई थी। ऐसे में टीम इंडिया ने भी अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया है टीम इस समय एक पांच सितारा होटल में है और कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कप्तान शुभमन गिल अपने साथ करीब 3 लाख रुपये की खास वॉटर प्यूरीफिकेशन मशीन लेकर आए हैं।

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शुभमन गिल ने लगवाया खास वॉटर प्यूरीफायर

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वॉटर प्यूरीफायर आरओ से शुद्ध किए गए और पैकेज्ड बोतलबंद पानी को भी दोबारा शुद्ध करने में सक्षम है। शुभमन ने इसे अपने निजी कमरे में इंस्टॉल करवाया है। हालांकि, टीम के मीडिया मैनेजर ने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। यह भी साफ नहीं किया गया कि यह कदम इंदौर में दूषित पानी से हुई हालिया मौतों से जुड़ा है या फिर यह गिल की व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

कोहली अपने साथ एक बैग भरकर पानी की बोतल लाये

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व कप्तान विराट कोहली पानी की बोतलों से भरा एक बैग लेकर जाते दिख रहे हैं। कोहली अपने अनुशासित लाइफस्टाइल और फिटनेस रूटीन के लिए मशहूर हैं, जिसमें हाइड्रेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। वे अक्सर फ्रांस से आयातित एवियन नेचुरल स्प्रिंग वॉटर पीते हैं, ताकि पानी की गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो।

इंदौर में हो चुका है बड़ा हादसा

बता दें दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंभीर पानी संकट सामने आया था। इसमें सीवेज का दूषित पानी शहर की पेयजल आपूर्ति में मिक्स हो गया था। इससे बीमारी फैल गया और कम से कम 23 लोगों की जान चली गई। इस बीमारी के फैलने की वजह नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन में हुआ रिसाव था। जांच में सामने आया कि पाइपलाइन का टूटा हिस्सा सीवेज लाइन या सार्वजनिक शौचालय के नीचे या बहुत पास से गुजर रहा था। इसी कारण मल-मूत्र अन्य खतरनाक बैक्टीरिया पीने के पानी में मिल गए। नतीजतन कई दिनों तक हजारों लोगों को दूषित पानी सप्लाई होता रहा।

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