
Stop Experiments in Team India: भारतीय टीम ने वनडे सीरीज गंवाने के बाद सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज 2-1 से जीती है। गौतम गंभीर ने टी20 सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी में काफी प्रयोग किए। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है पहले संजू सैमसन के बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़, फिर उन्हें बाहर कर बेंच स्ट्रेंथ का इस्तेमाल करना। पूर्व भारतीय ओपनर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने नाम लिए बगैर गौतम गंभीर को तर्क के साथ कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत प्लेइंग 11 में जिस तरह के एक्सपेरिमेंट किए गए, अब ऐसा करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, क्योंकि अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ज्यादा समय नहीं बचा है।
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि टीम इंडिया में एक्सपेरिमेंट का दौर चल रहा है। उम्मीद करूंगा कि एक्सपेरिमेंट का ये दौर अब बंद हो जाना चाहिए। बताया गया है कि अभी भी बल्लेबाजी क्रम में किसी को भी नीचे-ऊपर भेजा जा सकता है। किसी को भी प्लेइंग इलेवन में एंट्री हो सकती है और किसी को भी बाहर किया जा सकता है। जब टीम ओपनली ये कबूल चुकी तो फिर मान लेते हैं कि चलो आप एक्सपेरिमेंट कर लो।
उन्होंने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पांच टी20 मैचों की सीरीज बारिश के कारण तीन मैचों में ही निपट गई। अब भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ 5-5 टी20 मैचों की खेलनी है। इसे देखते हुए मुझे लगता है कि अब एक्सपेरिमेंट का समय बीत चुका है। हमने अपना काम पूरा कर लिया है। अब आप ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकते है और करें भी नहीं, क्योंकि फरवरी में विश्व कप शुरू होना है।
आकाश ने आगे कहा कि घर में बड़े टूर्नामेंट खेलने पर काफी प्रेशर होता है। हम डिफेंडिंग चैंपियन हैं। 2024 में खिताब जीतने के बाद हमने सभी जगह जीत का परचम लहराया है। लेकिन, किसी भी चीज को हमें हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अब घरेलू वर्ल्ड कप जीतना बहुत ही मुश्किल होगा।
माना कि घरेलू इवेंट होने के चलते आपके पास बढ़त है, लेकिन प्रेशर भी तो है। इसलिए अब टीम मैनेजमेंट को सभी तरह के एक्सपेरिमेंट बंद कर देने चाहिए। अब हम जो भी टीम खिलाते हैं, वही प्लेइंग इलेवन सबसे करीब होगी। बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में अगले साल फरवरी-मार्च में होना है।