
T20 World Cup 2026 Match Fixing: क्रिकेट जगत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने खेल प्रेमियों को असमंजस में डाल दिया है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 की चमक पर अब फिक्सिंग के काले बादल छा रहे है। खबर है कि टूर्नामेंट के एक अहम मैच में खेल हुआ है और अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है।
आपको याद दिला दें कि 2026 के इस वर्ल्ड कप का फाइनल भारत ने जीता था और टीम इंडिया लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी थी। लेकिन इस सुनहरे सफर के बीच, 17 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में न्यूजीलैंड (NZ) और कनाडा (CAN) के बीच एक मुकाबला खेला गया था। अब इसी मैच को लेकर चौंकाने वाले दावे किए जा रहे हैं।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC ने 10 अप्रैल को एक 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई, जिसका नाम था 'करप्शन, क्राइम और क्रिकेट'। इस रिपोर्ट में क्रिकेट कनाडा के भीतर चल रही धांधली और गवर्नेंस के मुद्दों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच का मुख्य केंद्र न्यूजीलैंड की पारी का पांचवां ओवर है। इस ओवर को कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने फेंका था। गौर करने वाली बात यह है कि बाजवा को टूर्नामेंट शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले ही टीम का कप्तान बनाया गया था।
बाजवा ने शुरुआत एक नो-बॉल और एक वाइड के साथ की। पूरे ओवर में उन्होंने 15 रन लुटा दिए थे। न्यूजीलैंड ने 174 रनों के लक्ष्य को बड़ी आसानी से सिर्फ 15.1 ओवर में हासिल कर लिया और इस दौरान कोई और विकेट भी नहीं गिरा।
मामला सिर्फ एक ओवर तक सीमित नहीं है। ICC एक रिकॉर्डेड फोन कॉल की भी जांच कर रही है, जो कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चौहान से जुड़ा है। चौहान का आरोप है कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर बोर्ड मेंबर्स उन पर कुछ खास खिलाड़ियों को टीम में चुनने का दबाव डाल रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मैच फिक्स करने की कोशिशें की गई थीं।
ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने स्वीकार किया है कि उन्हें इस डॉक्यूमेंट्री और आरोपों की जानकारी है। हालांकि, अपनी कार्यप्रणाली का हवाला देते हुए उन्होंने अभी किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ICC का कहना है कि वे अपने संवैधानिक नियमों के तहत इन गवर्नेंस और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहे हैं।