क्रिकेट

बिना मैदान पर उतरे इस इंसान ने तैयार किया ‘चक्रव्यूह’, तब जाकर भारत ने जीता टी20 वर्ल्डकप का खिताब!

एक समय था, जब टी20 फॉर्मेट में हार्दिक पंड्या को कप्तान के तौर पर मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अगरकर ने सूर्या पर दांव खेला, जिनकी उम्र पर भी उस दौर में सवाल खड़े किए गए थे।

3 min read
Mar 10, 2026
भारतीय क्रिकेट टीम (फोटो-IANS)

भारत ने न्यूजीलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 96 रन से मात देकर खिताब अपने नाम किया। हेड कोच गौतम गंभीर ने खिताबी जीत का श्रेय चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा था कि 'उनकी काफी आलोचना होती है, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं।' अगरकर के ही कार्यकाल में भारत ने 3 आईसीसी टूर्नामेंट अपने नाम किए।

अजीत अगरकर ने साल 2023 में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। ये वो दौर था, जब परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन करीब 3 साल के कार्यकाल में अगरकर ने मुश्किल और साहसिक फैसले लेकर परिणाम भारत के पक्ष में मोड़ दिए। बीते तीन वर्षों में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बनाई। इस दौरान 3 खिताब अपने नाम किए।

ये भी पढ़ें

फाइनल में संजू सैमसन या अभिषेक की नहीं, गौतम गंभीर ने बताया किस पारी की वजह से जीते वर्ल्डकप

अगरकर ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे फैसले लिए, जिसके चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके फैसले टीम के हित में एकदम सही साबित हुए। इनका असर टीम के संतुलन और भविष्य की रणनीति पर नजर आया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका देने की नीति अपनाने के साथ टीम में फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी। इस दौरान कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर कर नए चेहरों पर भरोसा जताया। उनके इन फैसलों का मकसद भारतीय टीम को भविष्य के टूर्नामेंट्स के लिए मजबूत बनाना रहा।

हार्दिक की जगह सूर्या को बनााय कप्तान

एक समय था, जब टी20 फॉर्मेट में हार्दिक पंड्या को कप्तान के तौर पर मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अगरकर ने सूर्या पर दांव खेला, जिनकी उम्र पर भी उस दौर में सवाल खड़े किए गए थे। वही सूर्या भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तीसरे कप्तान बने। सूर्यकुमार यादव ने विश्व कप खिताब जीतने के बाद बताया था कि कोच गौतम गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा है। इन दो वर्षों में कभी कोई बहस नहीं हुई, जिससे एक आदर्श प्लेइंग इलेवन तैयार करने में मदद मिली। अजीत अगरकर का यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, जिसने कोच और कप्तान के बीच शानदार तालमेल के साथ भारत को विश्व कप विजेता बनाया।

ईशान पर किया विश्वास

ईशान को लंबे वक्त से टीम इंडिया में नजरअंदाज किया जा रहा था, लेकिन अगरकर को इस खिलाड़ी पर विश्वास था। आखिरकार ईशान को टी20 वर्ल्ड कप टीम में मौका दिया गया, जो एक और मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। ईशान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 9 मैच खेले, जिसमें 35.22 की औसत के साथ 317 रन बनाए। वह सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में चौथे पायदान पर रहे। उनके एक बड़े फैसले में रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान सौंपना भी शामिल था।

संजू साल 2025 में टी20 क्रिकेट में खासा प्रभावित नहीं कर सके थे। इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक ही अर्धशतक आया था, लेकिन इसके बावजूद अगरकर को संजू पर पूरा विश्वास था। यही वजह रही कि उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया, जिसमें संजू ने वेस्टइंडीज (97*), इंग्लैंड (89) और न्यूजीलैंड (89) के विरुद्ध शानदार पारियां खेलकर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। संजू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 5 मुकाबलों में 80.25 की औसत के साथ 321 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे।

अजीत अगरकर ने पूरे टी20 वर्ल्ड कप में पर्दे के पीछे से ही टीम के लिए रणनीति तैयार की और जीत के वो नायक बने, जिन्हें खिताब का उतना श्रेय नहीं दिया गया, जितना दिया जाना चाहिए था। वाकई अगरकर ने 'पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम' किया, जिसे खुद कोच गंभीर ने भी स्वीकारा। फैंस को भविष्य में भी अगरकर से कड़े फैसले लेते हुए भारत को बुलंदियों तक पहुंचाने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें

डेरिल मिचेल से माफी मांगने से नहीं बनी बात! अर्शदीप के खिलाफ ICC ने लिया तगड़ा एक्शन

Also Read
View All

अगली खबर