गंभीर ने जियोस्टार से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक कोच के तौर पर वर्ल्ड कप जीतूंगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे भारतीय टीम का हेड कोच बनने का मौका मिलेगा, क्योंकि भारत की जर्सी फिर से पहनना या देश के लिए कुछ खास करना बहुत बड़ी बात है।” गंभीर ने कहा कि परिवार से मिली पहचान और लाखों फैंस के गर्व ने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया। उन्होंने कहा, “जब आपकी मां आपको बधाई देते हुए कहती हैं, ‘बहुत बढ़िया’, तो बस आप उसी के लिए खेलते हैं और उसी के लिए जीते हैं। 140 करोड़ भारतीयों को गर्व महसूस कराने से बड़ा एहसास और क्या ही होगा।”