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मैच से पहले गौतम गंभीर ने तिलक वर्मा को दी थी सलाह, रिकॉर्ड जीत के बाद खोला राज़

Tilak Varma Statement on Gautam Gambhir: भारत ने न्यूजीलैंड को दूसरे टी20I में 4 विकेट से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। जानिए गौतम गंभीर की सलाह, तिलक वर्मा की रणनीति और नमन धीर और नितीश कुमार के साथ उनकी अहम साझेदारी की कहानी।
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Updated: 24 Oct 2026, 6:37 PM IST
Tilak varma statmen after 2nd T20I win vs New Zealand.
टीम इंडिया की जीत के बाद तिलक वर्मा को कोच गौतम गंभीर ने गले लगा लिया। (Photo- ANI)

Tilak Varma on NZ vs IND 2nd T20I: भारत ने न्यूजीलैंड को उसके घर में लगातार दूसरे टी20I मैच में हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। भारत की इस जीत में तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी का अहम योगदान रहा। दोनों के बीच 30 गेंदों में 69 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। भारत ने दूसरा टी20I मुकाबला 4 विकेट से अपने नाम किया। इस जीत के बाद तिलक वर्मा ने खुलासा किया कि कोच गौतम गंभीर की सलाह उनके काफी काम आई। उन्होंने मैच के बाद बताया कि गंभीर ने उन्हें क्या कहा था और किस रणनीति के साथ उन्होंने बल्लेबाजी की।

तिलक वर्मा को गौतम गंभीर ने क्या सलाह दी?

प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए तिलक वर्मा ने बताया कि मैच से ठीक पहले उनकी कोच गौतम गंभीर और सितांशु कोटक से बात हुई थी। दोनों ने उन पर भरोसा जताया था। तिलक ने कहा, 'उन्होंने मुझसे कहा कि पूरे भारत को भी भरोसा है कि अगर तुम अंत तक क्रीज पर टिके रहे, तो हमारे लिए मैच जीत जाओगे।' तिलक के मुताबिक, यही बात उनके दिमाग में चल रही थी। वह मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे। आखिरकार, उन्होंने अपने कोच के भरोसे को सही साबित किया और टीम को जीत दिलाई।

नमन धीर आउट नहीं होते तो ..

तिलक वर्मा ने नमन धीर के साथ अपनी साझेदारी पर भी बात की। उन्होंने बताया कि दोनों ने अंत तक टिके रहने की योजना बनाई थी। तिलक ने कहा कि आज की पिच पिछले मैच के मुकाबले थोड़ी धीमी थी। इसलिए उन्होंने नमन से कहा था कि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन लेने पर ध्यान देना होगा। दोनों ने इसी रणनीति पर अमल किया और विकेटों के बीच तेजी से दौड़कर रन बनाए। हालांकि, मिचेल सैंटनर के आखिरी ओवर में नमन धीर आउट हो गए। तिलक को लगा कि अगर नमन आउट नहीं होते, तो भारत 18वें ओवर में ही मैच खत्म कर सकता था।

स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ क्या थी रणनीति?

तिलक वर्मा ने बताया कि उनकी योजना हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब गेंद उनके हिटिंग एरिया में आती थी, तभी वह आक्रामक शॉट खेलते थे। बाकी समय उनका लक्ष्य खाली जगहों पर गेंद खेलना और तेजी से रन लेना था। तिलक के मुताबिक, उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ चार से पांच बार दो-दो रन लिए। इन रनों से टीम को आठ से दस अतिरिक्त रन मिले। उन्होंने माना कि इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने समझदारी से बल्लेबाजी की।

तिलक ने आगे कहा कि उन्हें पता था कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ छक्के लगाने के मौके मिल सकते हैं। मैदान बड़ा था, इसलिए वे गेंद की रफ्तार का फायदा उठाना चाहते थे। दोनों ने सही मौके का इंतजार किया और आखिर में शानदार अंदाज में मैच खत्म किया।

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24 Oct 2026, 6:37 PM IST
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