सूर्यवंशी का यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। इसी वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के जैक ने जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा था।
आईसीसी मेंस अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है, जहां भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने हैं। भारतीय टीम जहां अपना 11वां फाइनल खेल रही है, वहीं इंग्लैंड की टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है। इंग्लैंड की टीम एक बार खिताब जीत चुकी है और एक बार उसे फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं भारतीय टीम ने पांच बार खिताब जीता है और पांच ही बार उसे फाइनल में हार झेलनी पड़ी है। ऐसे में देखा जाए तो दोनों टीमों का फाइनल में 50-50 का रिकॉर्ड रहा है।
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 22 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 213 रन बना लिए हैं। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 55 गेंदों में शतक जड़ दिया। इस शतक की बदौलत उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक जड़ने वाले सिर्फ छठे खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारत के उन्मुक्त चंद और मनजोत कालरा यह कारनामा कर चुके हैं। हालांकि विराट कोहली और शुभमन गिल अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक नहीं लगा पाए थे, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की पारी ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया है।
इसके अलावा सूर्यवंशी का यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। इसी वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के जैक ने जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा था। सूर्यवंशी ने 55 गेंदों में यह कारनामा किया, जिसमें 8 चौके और 8 छक्के शामिल थे। इससे पहले पाकिस्तान के कासिम अकरम 63 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं, जबकि इंग्लैंड के बल्लेबाज ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 65 गेंदों में शतक जड़ा था। इसके अलावा भारत के राज बावा ने साल 2022 में युगांडा के खिलाफ 69 गेंदों में यह कारनामा किया था।
इससे पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास के खिताबी मुकाबले में सबसे बड़ा स्कोर भारत के उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 111 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और इस मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।