
Vaibhav Sooryavanshi Success Story: वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में धमाल मचाने के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उनकी छक्के लगाने की काबिलियत का हर कोई कायल है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि उन्हें इस ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उनके पिता ने क्या-क्या किया है? उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने न केवल अपनी पुश्तैनी जमीन बेची, बल्कि खुद उन्हें कोचिंग के लिए 90 किलोमीटर दूर समस्तीपुर से पटना लेकर जाते थे। संजीव ने बेटे वैभव के क्रिकेट सफर में हर वह त्याग किया, जिसकी उन्हें जरूरत थी।
संजीव सूर्यवंशी ने टीओआई को बताया कि बिहार में पुश्तैनी जमीन का एक टुकड़ा उन्हें विरासत में मिला था। उनके लिए वह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि यादों की निशानी थी। लेकिन, उनके बेटे के सपने से ज्यादा उनके लिए कुछ भी कीमती नहीं था। उस फैसले को लिए सालों बीच गए हैं, लेकिन अब उनका सपना साकार हो गया है।
संजीव ने बताया कि सपना सच हो गया है। अब जमीन, पैसा, रुपया का कोई मायने नहीं रखता है। हमें जो सम्मान मिल रहा है, देश-विदेश में नाम हो रहा है, उससे हम बहुत खुश हैं। पिछले हफ्ते उसे भारतीय टीम में चुना गया। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बना ली है। वह एक आईपीएल सुपरस्टार है, 2026 में भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत का मुख्य किरदार है और अब सीनियर भारतीय टीम का सदस्य है।
बता दें कि पिछले हफ्ते ही आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए इंडिया की टीम में चुने गए टीनएज बैटिंग सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी इंडियन नेशनल टीम के लिए चुने गए सबसे कम उम्र के प्लेयर बन गए। यह कॉल-अप रिकॉर्ड तोड़ने वाले आईपीएल 2026 कैंपेन के बाद आया। वैभव 776 रन के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर रहे। उन्होंने इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, ऑरेंज कैप, बेस्ट स्ट्राइक रेट ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्स 5 बड़े अवॉर्ड जीते।
संजीव ने बताया कि यह सफर तब शुरू हुआ, जब वैभव सिर्फ चार साल के थे। संजीव ने देखा कि उनका बेटा प्लास्टिक की बॉल पर अजीब टाइमिंग और पावर से हिट कर रहा है। प्लास्टिक और टेनिस बॉल से शुरू हुआ सफर जल्द ही पटना की एक एकेडमी में प्रोफेशनल कोचिंग तक पहुंच गया।
समस्तीपुर से पटना तक का 90 किलोमीटर का सफर थकाने वाला और महंगा था, लेकिन संजीव ने कभी भी मुश्किलों को आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपने बेटे को हर दूसरे दिन ट्रेनिंग सेशन पर ले जाने के लिए पुश्तैनी जमीन बेचकर एक कार खरीदी थी। उन्होंने कहा कि कोई रिग्रेट नहीं है। वैभव जो भी हासिल कर रहा है, वह सब चीजों से बहुत ऊपर है। उन्होंने कहा कि बच्चा बचपन से बहुत मेहनत करता है। इसी के लिए मेहनत की थी कि देश के लिए खेले। आज उसे वो सौभाग्य मिला है।
बेटे के इंडिया कॉल-अप पर संजीव ने कहा कि जब खबर आई, वैभव श्रीलंका में प्रैक्टिस कर रहा था। उसने फोन करके बताया कि पापा मुझे अभी सिलेक्शन के बारे में पता चला। मैं आपसे बाद में बात करूंगा। वहां हर कोई उसे बधाई दे रहा था।
आईपीएल और अंडर-19 वर्ल्ड कप के बाद वैभव इंडिया ए टूर पर अब सबकी नजर आयरलैंड और इंग्लैंड के टूर पर जहां वह टीम इंडिया के लिए डेब्यू करेंगे। संजीव और उनका परिवार अब उस बड़े दिन का गवाह बनने की तैयारी में है। संजीव ने बताया कि हमें बीसीसीआई से डॉक्यूमेंट्स मिल गए हैं। हम यूके जा रहे हैं। उन्होंने अंत में कहा कि रिकॉर्ड टूट सकते हैं, रिकॉर्ड बन सकते हैं, लेकिन यह तो बस शुरुआत है। हम भगवान से प्रार्थना करेंगे कि वह अच्छा खेलता रहे और उस लेवल तक पहुंचे।