Dinesh Karthik on Vaibhav Suryavanshi: 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इतने कारनामे कर डाले हैं कि क्रिकेट जगत में उनकी तुलना अलग-अलग खिलाड़ियों से होने लगी है। हालांकि दिनेश कार्तिक नहीं चाहते कि उनकी किसी भी खिलाड़ी के साथ तुलना की जाए।
Vaibhav Suryavanshi in IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जमकर रन बरसा रहा है। इस सीजन कई रिकॉर्ड्स तोड़ने वाले सूर्यवंशी की हर कोई तारीफ कर रहा है। जिस टीम को उनकी बल्लेबाजी की वजह से हार झेलनी पड़ती है, उसके मालिक और कोच भी सूर्यवंशी की तारीफ करते नहीं थकते। यही वजह है कि 15 साल के इस खिलाड़ी की तुलना सचिन तेंदुलकर से होने लगी है। हालांकि पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने चेतावनी देते हुए ऐसा न करने के लिए कहा है।
सचिन तेंदुलकर 16 साल की उम्र में इसी तरह की झलक दिखाई थी और आगे चलकर वह क्रिकेट के भगवान के नाम से जाने गए। भारत के सबसे महान खिलाड़ियों में सचिन की गिनती होती है। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक पूरा करने वाले एकमात्र खिलाड़ी भी हैं। वह वनडे में पहला दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं। यही नहीं उन्होंने सबसे पहले वनडे में 50 शतकों के आंकड़े को छूआ था और आज तक क्रिकेट इतिहास में उनके अलावा सिर्फ विराट कोहली ही ऐसा कर पाए हैं। सूर्यवंशी की बैटिंग देखकर फैंस लगातार उनकी तुलना कभी विराट कोहली से तो कभी सचिन तेंदलुकर से करते रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 13 मैचों में 45 की औसत से 579 रन बना चुके हैं। उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं। इस सीजन वह सबसे ज्यादा छक्के लगा चुके हैं और एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में क्रिस गेल के रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं। सूर्यवंशी ने इससे पहले इंडिया की अंडर 19 टीम के लिए भी कई बेहतरीन पारियां खेली हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि सूर्यवंशी सिर्हीफ 15 साल के हैं। यही वजह है कि फैंस को लगता है कि अगर सूर्यवंशी को इसी साल सीनियर टीम में जगह मिलती है तो वह सचिन तेंदुलकर का बरसों पुराना यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, जो 16 साल की उम्र में डेब्यू कर उन्होंने बनाया था।
कार्तिक ने एक पॉडकास्ट कहा, "वैभव जो कर रहे हैं वह बहुत खास है, लेकिन मैं नहीं चाहता कि लोग उन्हें अगला सचिन कहें क्योंकि वह सिर्फ 15 साल के हैं। मुझे लगता है कि मास्टर ब्लास्टर ने जो किया वह शानदार था।" सचिन के चैलेंज मैदान पर जितने होते, उतने ही मैदान के बाहर भी होते थे, लेकिन वैभव के चैलेंज निश्चित रूप से मैदान के बाहर ज्यादा होंगे, क्योंकि उनके पास बहुत सारे क्रिकेटिंग स्किल्स हैं, जो खेल के बाहर आने वाली हर चीज से निपट सकते हैं।"