क्रिकेट

Vaibhav Suryavanshi की एक गलती, जिसकी वजह से एक महीने में 4 शतक हो गए मिस

Vaibhav Suryavanshi Missed 4 Century: वैभव सूर्यवंशी 19 मई को LSG, 27 मई को एलिमिनेटर में SRH और 29 मई को क्वालीफायर 2 में GT के खिलाफ शतक से चूक गए थे। इसके बाद ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल में वह 94 रन बनाकर आउट हो गए।

2 min read
Jun 22, 2026
vaibhav suryavanshi
भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (फोटो- IANS)

Vaibhav Suryavanshi Mistake: ट्राई नेशन ए सीरीज 2026 के खिताबी मुकाबले में 94 रन की शानदार पारी खेलकर वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों में कितने खतरनाक हो जाते हैं। इससे पहले भी उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्डकप के फाइनल और आईपीएल ने नॉकआउट्स में बड़ी पारियां खेली हैं। हालांकि, वह लगातार एक ऐसी गलती कर रहे हैं जिसकी वजह से पिछले एक महीने के भीतर चार बार शतक से चुके हैं।

बार-बार दोहरा रहे एक ही गलती

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 19 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 93 रन की पारी खेली थी। इसके बाद एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए। फिर राजस्थान रॉयल्स क्वालीफायर-2 में पहुंची, जहां गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने 96 रन की शानदार पारी खेली। अब ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल में उन्होंने 94 रन बनाए और एक बार फिर शतक से चूक गए।

इस तरह सूर्यवंशी पिछले एक महीने के भीतर चार बार नाइंटीज में आउट हो चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी में एक बात लगातार देखने को मिली है कि वह लगभग हर गेंद पर आक्रमण करने की कोशिश करते हैं। यही आक्रामक रवैया कई बार उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित होता है, लेकिन शतक के करीब पहुंचने पर यही कमजोरी भी बन जाता है।

ऐसे दूर कर सकते हैं कमजोरी

अब सूर्यवंशी को शतक के करीब पहुंचकर थोड़ी समझदारी दिखाने की जरूरत है। उन्हें अच्छी गेंदों का सम्मान करना होगा, धैर्य बनाए रखना होगा और सिर्फ कमजोर गेंदों पर ही बड़े शॉट खेलने चाहिए। ऐसा करने से न सिर्फ उनके खेल में और निखार आएगा, बल्कि वह बड़ी पारियों को शतक और दोहरे शतक में भी बदल सकेंगे।

आपको बता दें कि ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। खास बात यह रही कि 64 रन तक पहुंचने के दौरान उन्होंने एक भी सिंगल नहीं लिया था। उनकी पूरी पारी चौकों और छक्कों पर आधारित थी, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली को दर्शाती है। हालांकि, इसी आक्रामकता के कारण वह एक बार फिर शतक से पहले अपना विकेट गंवा बैठे।