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Vaibhav Suryavanshi Weakness: वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत ही बन जाती है टर्निंग पिच पर उनकी कमजोरी, जानें कैसे कर सकते हैं सुधार

Vaibhav Suryavanshi in IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 237 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए, जिसमें 5 अर्धशतक के साथ एक शतक भी शामिल था। उन्होंने इस दौरान कई बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया।

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Jun 10, 2026
vaibhav suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी (फोटो- IANS)

Vaibhav Suryavanshi Weakness in Turning Pitch: आईपीएल 2026 में धमाल मचाने के बाद वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में खेले गए इंडिया A बनाम श्रीलंका A के बीच मुकाबले में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ये पहली बार नहीं हुआ, जब सूर्यवंशी स्लो पिच पर संघर्ष करते दिखे। इससे पहले आईपीएल 2026 के दौरान भी 15 साल के इस बल्लेबाज को कोलकाता और लखनऊ जैसी पिचों पर रनों के लिए जूझते हुए देखा गया है। ऐसे में सवाल ये है कि क्या सूर्यवंशी सिर्फ सपाट पिचों पर अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं।

IPL 2026 में बनाए थे 776 रन

सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में ज्यादातर गेंदबाजी लाइन अप को सपाट पिचों पर तहस-नहस कर दिया। उन्होंने 776 रन कूट डाले, वो भी 237 की स्ट्राइक रेट से, जिसमें 72 छक्के शामिल थे। टूर्नामेंट में उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट तो चुना ही गया, साथ ही ऑरेन्ज कैप सहित 7 अवॉर्ड्स दिए गए। ट्राई नेशन सीरीज में भी उनसे धमाकेदार बल्लेबाजी की उम्मीद थी लेकिन पहले मैच में वह सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। जिसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या यह बल्लेबाज सिर्फ फ्लैट पिचों पर ही धमाल मचा सकता है?

आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंद में 97 रन की पारी देख हर कोई हैरान रह गया। उन्होंगे क्वालीफायर 2 में गुजराट टाइटंस के खिलाफ 97 रन की तूफानी पारी खेल डाली। इसके अलावा उन्होंने इस सीजन 35 गेंद में सैकड़ा भी जड़ा। लेकिन इसी सीजन टर्निंग ट्रेक पर उन्हें रनों के लिए जूझते हुए भी देखा गया। कोलकाता में जहां वह आईपीएल के दो मैच खेल चुके हैं और 50 रन बना पाए हैं तो मुल्लांपुर की सपाट पिच पर उन्होंने 3 मैचों में ही 236 रन बना दिए हैं।

टर्निंग पिच पर नहीं चल रहा बल्ला

लेकिन जहां पिच ने टर्न लिया या गेंद ने ग्रिप पकड़ी, वहां उनका आक्रामक स्वभाव महंगा साबित हुआ। कई मैचों में वह इसी वजह से जल्दी आउट हुए। अब श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए के मैच में भी यही पैटर्न दोहराया। दांबुला की पिच पर शुरुआत अच्छी की। पहली 6 गेंदों में तीन चौके लगाकर 13 रन बना लिए लेकिन लेकिन मोहम्मद शिराज की गेंद पर मिड-ऑफ पर कैच देकर पवेलियन लौट गए।

सूर्यवंशी की ताकत उनकी बैट स्पीड है। लेकिन कमजोरी भी यहीं छिपी है। असंतुलित शॉट सिलेक्शन और टेक्निकल खामियां आगे चलकर उनके करियर के लिए खतरनाक हो सकती है। उनका अनोखा बैक लिफ्ट और डाउन स्विंग फ्लैट पिचों पर तो घातक है, लेकिन टर्न या वैरिएशन वाली गेंदों पर कंट्रोल छूट जाता है। श्रीलंका जैसे देश में, जहां स्पिन और स्लो पिच होना आम बात है। यह कमजोरी और उजागर हुई।

वैभव से कहां हो रही है गलती?

वैभव की सबसे बड़ी गलती असंतुलित आक्रामकता है। वे हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, खासकर जब गेंद टर्न ले रही हो या स्लो हो। श्रीलंका मैच में भी फुल लेंथ गेंद पर छक्का मारने की कोशिश में बल्ला घूम गया। यह उनकी तकनीकि खामी है। बैट स्विंग में डबल डाउन मूवमेंट पावर तो देता है, लेकिन कंट्रोल कम करता है, खासकर शॉर्ट या टाइट लाइन्स पर।

टर्निंग पिच पर अगर सूर्यवंशी डिफेंसिव शॉट्स खेलना शुरू कर दें और रोटेशन ऑफ स्ट्राइक करना सीख लें तो वो गेंदबाजों के लिए और खतरनाक हो सकते हैं। हर गेंद को मारने की बजाय अच्छी गेंदों को सम्मान देना भी सीखना होगा। इसके अलावा उन्हें स्पिन के खिलाफ फुटवर्क में भी सुधार करने की जरूरत है।

Published on:
10 Jun 2026 09:46 am