
Varun Chakravarthy Success Story: भारतीय क्रिकेट में कई ऐसी कहानियां हैं जो मेहनत के साथ भरोसे और त्याग की मिसाल पेश करती हैं। वरुण चक्रवर्ती की कहानी भी ऐसी ही है, जहां मैदान के बाहर मिला साथ मैदान की सफलता का आधार बना। एक समय ऐसा था जब वरुण के पास नौकरी तो थी, लेकिन दिल क्रिकेट में अटका था। इसी मोड़ पर उनकी पत्नी नेहा खेड़ेकर ने ऐसा भरोसा दिखाया जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
नेहा ने न केवल वरुण के सपनों को समझा, बल्कि अपने कंधों पर जिम्मेदारी लेकर उन्हें क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने की आजादी दी, और यही फैसला आगे चलकर वरुण के लिए सही साबित हुआ। अब वरुण भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाज बनकर उभरे हैं। टी20 क्रिकेट में वरुण दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं।
वरुण चक्रवर्ती ने जब क्रिकेट को करियर बनाने के लिए अपनी आर्किटेक्चर की अच्छी नौकरी छोड़ने का फैसला किया, तब हालात आसान नहीं थे। खुद वरुण ने माना कि उस समय उनकी मासिक कमाई बेहद कम थी और भविष्य अनिश्चित था। ऐसे में नेहा खेड़ेकर ने उनसे कहा कि वह क्रिकेट खेलें, भले ही कमाई 5 से 6 हजार ही क्यों न हो, घर की जिम्मेदारी वह संभाल लेंगी। नेहा उस दौर में 50 हजार रुपये तक कमा रही थीं और उन्होंने बिना किसी दबाव के वरुण को आगे बढ़ने का हौसला दिया। यह भरोसा वरुण के आत्मविश्वास की सबसे बड़ी ताकत बना।
कर्नाटक के बीदर में जन्मे वरुण चक्रवर्ती ने पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्किटेक्ट के रूप में काम शुरू किया था। बचपन से क्रिकेट का शौक होने के बावजूद उन्होंने इसे दबा दिया था। कॉलेज के दौरान नेहा से मुलाकात हुई और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली। नेहा ने वरुण की छिपी हुई क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपने सपने के पीछे जाने के लिए प्रेरित किया। नौकरी छोड़ने के बाद वरुण ने पूरी मेहनत क्रिकेट को दी और 2018 तमिलनाडु प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं, जिससे उनका करियर नई ऊंचाई पर पहुंचा।
2018 में पहचान मिलने के बाद वरुण को आईपीएल में किंग्स XI पंजाब ने खरीदा। इसके बाद 2020 में वह कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा बने, फिर वरुण ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी साल वरुण और नेहा की शादी होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे टालना पड़ा। आखिरकार 12 दिसंबर 2020 को सादे समारोह में दोनों विवाह बंधन में बंधे। 2022 में उनके बेटे आत्मन का जन्म हुआ। वरुण कई बार सार्वजनिक मंचों पर अपनी सफलता का श्रेय पत्नी और बेटे को देते नजर आए हैं, जो उनकी जिंदगी का मजबूत आधार हैं।