वसंत रायजी क्रिकेट इतिहासकार भी रहे हैं और उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को अपना पहला टेस्ट मैच खेलते देखा है।
मुंबई : भारत के सबसे उम्रदराज रणजी क्रिकेटरों में से एक वसंत रायजी ने रविवार 26 जनवरी 2020 को 100 साल के हो गए। इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल से उनके साथ जन्मदिन मनाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में विश्व क्रिकेट के दो महानतम खिलाड़ी भारत के सचिन तेंदुलकर और और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ वसंत रायजी का 100वें जन्मदिन का जश्न मनाते दिख रहे हैं।
सचिन और आईसीसी ने ट्वीट कर दी बधाई
रविवार 26 जनवरी 2020 में वसंत रायजी अपना 100वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस जश्न में शामिल होने के लिए पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ उनके दक्षिण मुंबई घर पहुंचे और उनके साथ क्वालिटी टाइम गुजारा। इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा वसंत रायजी के साथ अपना और स्टीव वॉ का वीडियो शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी और लिखा- आपको 100वें जन्मदिन की शुभकामनाएं श्री वसंत रायजी। स्टीव और मैंने आपके साथ बहुत अच्छा समय बिताया और अतीत की कुछ अद्भुत क्रिकेट कहानियां सुनी। हमारे प्यारे खेल के बारे में यादों का खजाना आगे तक पहुंचाने के लिए आपका आभार। सचिन तेंदुलकर के अलावा आईसीसी ने भी वसंत रायजी को अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडिल से उनके 100वें जन्मदिन की बधाई दी।
40 के दशक में खेलते थे प्रथम श्रेणी मैच
दाहिने हाथ के बल्लेबाज वसंत रायजी ने 40 के दशक में क्रिकेट खेलते थे। उन्होंने नौ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और इसकी 14 पारियों में उन्होंने कुल 277 रन बनाए हैं। उनका सवोच्च स्कोर 68 रन रहा। रायजी बल्लेबाजी के अलावा कभी-कभार गेंदबाजी भी किया करते थे, लेकिन इसमें वह ज्यादा कामयाब नहीं रहे। वसंत रायजी के पसंदीदा क्रिकेटर कर्नल सीके नायडू हैं। वह अपने समय के दिग्गज क्रिकेटर लाला अमरनाथ, विजय मर्चेंट, सीके नायडू और विजय हजारे के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम को पहला टेस्ट मैच खेलते देखा
वसंत रायजी क्रिकेट इतिहासकार भी रहे हैं और उन्होंने क्रिकेट पर कई किताबें लिखी है। 1932 में जब भारतीय टीम का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण हुआ, तब क्रिकेट इतिहासकार रायजी करीब 13 साल के थे। उस वक्त जब भारत ने दक्षिण मुंबई के बांबे जिमखाना में पहला टेस्ट मैच खेला था, तब वह उस क्षण के साक्षी बने थे। कह सकते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट टीम के पदार्पण के बाद से अब तक की पूरी यात्रा के गवाह हैं। रायजी ने बंबई (अब मुंबई) और बड़ौदा के लिए प्रथम श्रेणी मैच खेला है।