Virat Kohli ने कहा है कि मां को यह समझाना बेहद कठिन था कि वह बीमार नहीं हैं, बल्कि खेल के लिए फिटनेस बनाए रखने के लिए ऐसा शरीर बनाए रखते हैं।
मुंबई : टीम इंडिया (Team India) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) आज से ही नहीं, बल्कि हमेशा से अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहे हैं। शरीर को आकार में रखने की कोशिश वह हमेशा से करते रहे हैं, लेकिन कोहली की मां को उनका यह शरीर स्वस्थ नहीं लगता था। उन्हें लगता था कि कोहली कमजोर हो रहे हैं और वह शायद बीमार हैं। टीम इंडिया के टेस्ट मैच में सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) के साथ एक लाइव चैट शो में विराट कोहली ने कहा है कि मां को यह समझाना वास्तव में बेहद कठिन था कि वह बीमार नहीं हैं, बल्कि खेल के लिए अपना फिटनेस बनाए रखने के लिए ऐसा शरीर बनाए रखते हैं।
बीसीसीआई टीवी पर किया जाएगा प्रसारण
भारतीय टेस्ट सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के साथ 'ओपन नेट्स विद मयंक' (Open nets with Mayank) नामक एक लाइव चैट शो के दौरान कोहली ने इसका खुलासा किया। बता दें कि बहुत जल्द बीसीसीआई टीवी (BCCI.TV) पर प्रसारण किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इसका एक प्रोमो वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है। इसमें लिखा है कि विराट कोहली की मां कहती थी कि वह कमजोर हो रहे हैं। यह बहुत ही आम बात है, जो कोई भी मां कहती है। कोहली ने कहा कि अगर किसी बच्चे की शरीर में चर्बी नहीं है तो फिर इसका मतलब कोई तो समस्या है या वह बीमार है। कोहली ने कहा कि हर दूसरे दिन उन्हें अपनी मां को यह यकीन दिलाना पड़ता था कि वह बीमार नहीं हैं। वह अच्छा खेलने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
मां को मनाना आसान नहीं था
विराट कोहली ने कहा कि मां को मना पाना आसान नहीं था, वह बहुत मुश्किल था। कोहली ने कहा कि मां को मनाना कई बार तो मजेदार होता था, लेकिन कई बार कष्टदायक भी होता है, क्योंकि इसके बाद अगले दिन मां से सुनने को मिलता था कि तू तो बीमार लग रहा है। कोहली ने कहा कि यह हमेशा बहुत मुश्किल होता था और ऐसे में खुद को नियंत्रित किए रखना भी बहुत कठिन होता था। लेकिन, हां वह समय अच्छा था।