Virat Kohli in IPL 2026: विराट कोहली ने आईपीएल 2026 में 675 रन बनाए और फाइनल में भी 75 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उन्होंने बताया कि क्यों उन्हें अपनी सोच बदलनी पड़ी।
Virat Kohli on Winning 2nd IPL Title: रविवार को आईपीएल 2026 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रजत पाटीदार एंड कंपनी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 5 विकेट से जीत हासिल की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने 42 गेंदों में 3 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 75 रन की नाबाद पारी खेली, जिसकी लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। मैच के बाद विराट कोहली ने बड़ा खुलासा किया और बताया कि क्यों उन्हें अपनी सोच बदलनी पड़ी।
विराट कोहली के साथ आरसीबी ने लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब अपने नाम किया है। खिताबी जीत के बाद कोहली ने कहा, "यह वही चीज है, जिसका आप हमेशा सपना देखते हैं। मैंने इस पल की कई बार कल्पना की थी, आईपीएल जीतने और यहां खड़े होने की। हमारी टीम आपको हर तरह की परिस्थिति से निपटने का आत्मविश्वास देती है। आज के खेल की यही मांग है। युवा खिलाड़ी आपको लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और आप से अधिक योगदान की उम्मीद रखते हैं। आपको टीम के लिए अतिरिक्त 20-30 रन जोड़ने होते हैं। इसी वजह से मुझे अपनी सोच बदलनी पड़ी, ताकि मैं टीम के लिए वे अतिरिक्त रन बना सकूं।"
आरसीबी 14 लीग मुकाबलों में 9 जीत के साथ शीर्ष पर रही थी। कोहली ने कहा, "हमारा लक्ष्य प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर रहकर लीग चरण खत्म करना था। कई लोगों ने पूछा कि प्लेऑफ में हम किस टीम का सामना करना पसंद करेंगे, लेकिन हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि सामने कौन-सी जर्सी है।"
जीत के लिए 156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी ने कोहली की शानदार पारी के दम पर महज 18 ओवरों में जीत हासिल कर ली। इस दौरान कोहली ने सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर (32) के साथ 27 गेंदों में 62 रन जोड़े, जबकि टिम डेविड (24) के साथ पांचवें विकेट के लिए 41 रन जुटाए।
कोहली ने आरसीबी की तारीफ में कहा, "हम एक पेशेवर टीम हैं। शायद उनकी योजना मुझे जल्दी आउट करने की थी, लेकिन मुझे भरोसा था कि अगर मैं आउट भी हो जाऊं तो हमारी बल्लेबाजी में इतनी गहराई है कि टीम मैच जीत सकती है। मेरे और साथी बल्लेबाज के बीच पूरी स्पष्टता थी और हम दोनों स्ट्राइक रोटेट करना चाहते थे। हमने अपने लिए छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए थे। वेंकटेश को भी श्रेय जाता है, उन्होंने आकर शानदार काम किया। मैं हमेशा कहता हूं कि हमारे लिए सिर्फ 7 घरेलू मैच नहीं होते, बल्कि 14 घरेलू मैच होते हैं। यहां गुजरात टाइटंस की घरेलू टीम थी, लेकिन शायद 90 प्रतिशत दर्शक आरसीबी के समर्थक थे।"