
Who is Mallika Sagar: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मिनी ऑक्शन इंतजार खत्म हो गया है। ये ऑक्शन आज 16 दिसंबर को भारतीय समयानुसार, दोपहर 2.30 बजे से अबू धाबी में आयोजित होगा, जिसमें कई बड़े खिलाड़ी और युवा प्लेयर्स के भविष्य पर फैसला होगा। इस दौरान एक बार फिर सभी की नजर भारत की पहली महिला नीलामीकर्ता मल्लिका सागर पर टिकी होंगी, जिन्हें आईपीएल और डब्ल्यूपीएल ही नहीं कई एलीट स्पोर्ट्स नीलामी का अनुभव है। एक बिजनेस माइंडेड परिवार में पली-बढ़ी बेहद शांत स्वभाव के लिए जानी जाने वाली मल्लिका ने आखिर ये अनोखा करियर क्यों और कैसे चुना? आइये एक नजर इस यात्रा पर डालते हैं।
मल्लिका सागर का जन्म 1975 में मुंबई में हुआ था। उन्होंने मुंबई से ही 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद वह कनेक्टिकट चली गईं। जहां उन्होंने फिलाडेल्फिया शहर के ब्रायन मावर कॉलेज से आर्ट हिस्ट्री में डिग्री हासिल की। 2001 में सागर ने सोथबीज लंदन में अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की। जहां भारतीय और दक्षिण एशियाई कला में गहरी विशेषज्ञता हासिल की। महज 26 साल की उम्र में वह न्यूयॉर्क में क्रिस्टीज़ की पहली भारतीय महिला ऑक्शनर बनीं, जो मॉडर्न और समकालीन भारतीय कला में माहिर थीं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, जिसने उन्हें ग्लोबल नीलामी सर्किट में पहचान दिलाई।
सालों का अंतर्राष्ट्रीय अनुभव हासिल करने के बाद सागर मुंबई लौट आईं और पुंडोले आर्ट गैलरी जैसे जाने-माने संस्थानों के साथ मिलकर काम किया। कला की दुनिया में उनकी सफलता ने स्पोर्ट्स ऑक्शन में आसानी से कदम रखने का रास्ता बनाया, जहां उनकी स्पष्टता, सटीकता और अधिकार जल्दी ही सबसे अलग दिखे। उनके करियर का टर्निंग पॉइंट 2021 में आया, जब उन्हें प्रो कबड्डी लीग में पहली महिला नीलामीकर्ता नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्होंने भारत में पुरुषों के दबदबे वाली जगह लेकर एक और पुरानी बाधा को तोड़ा।
इसके दो साल बाद उन्हें पहले महिला प्रीमियर लीग में नीलामी की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके भारतीय खेल में उनका बढ़ता प्रभाव और मजबूत हुआ। फिर उन्होंने आईपीएल 2024 मिनी ऑक्शन और सऊदी अरब के जेद्दा में आयोजित आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन का संचालन किया। आज आईपीएल 2026 की नीलामी का संचालन कर वह एक और बड़ा पड़ाव पार करेंगी।
बता दें कि मल्लिका सागर ने एक ऐसा अनोखा करियर बनाया है, जो फाइन आर्ट और एलीट स्पोर्ट्स नीलामी दो अलग-अलग दुनियाओं को जोड़ता है। बिजनेस माइंड परिवार में पली-बढ़ी सागर का नीलामी के प्रति आकर्षण अप्रत्याशित रूप से तब शुरू हुआ, जब उन्होंने एक महिला नीलामीकर्ता की किताब पढ़ी। उसी किताब से उन्हें ऑक्शनर बनने की प्रेरणा मिली और इसके बाद जिंदगी बदल गई।