बिहार के चंपापुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र मंदिर प्रांगण के एक कमरे में जैन मुनि विप्रन सागर महाराज का पंखे से लटकता शव मिला है।
नई दिल्ली। बिहार के चंपापुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र मंदिर प्रांगण के एक कमरे में जैन मुनि विप्रन सागर महाराज का पंखे से लटकता शव मिला है। सीओ सिटी राजवंश सिंह के अनुसार बुधवार सुबह जैन मुनि का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जानकारी मिली है कि जैन साध्वी ने पोस्टमार्टम कराने का विरोध किया था। हालांकि बाद में पुलिस के समझाने के बाद वह तैयार हो गई। चंपापुर जैन सिद्ध क्षेत्र के महामंत्री सुनील कुमार जैन की मानें तो सिद्ध क्षेत्र में ही जैन मुनि की समाधि बनाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, पुलिस जैन मुनि की सुसाइड के कारणों का पता नहीं लगा पाई है।
सीओ सिटी के अनुसार जैन मुनि की सुसाइड के कारण का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हथनी गांव निवासी जैन मुनि विप्रन सागर महाराज झारखंड के गिरिडीह मधुबन स्थित जैनियों के तीर्थस्थल सम्वेद शिखर से पैद यात्रा कर चातुर्मास करने भागलपुर पहुंचे थे। आपको बता दें कि भागलपुर के चंपापुर में चातुर्मास करने का एक विशेष महत्व है। जैन मंदिर के सुरक्षा गार्ड धनराज सिंह के अनुसार जैन मुनि रोजना की ही तरह मंगलवार को भी खाना खाने के बाद दोपहर 12.30 के बाद अपने कमरे में साधना करने के लिए चले गए थे। लेकिन हर रोज की तरह वह शाम को जैन अनुयायियों से मिलने कमरे से बाहर नहीं आए। काफी देर तक भी उनके बाहर न आने पर कमरे का दरवाजा खटखटाया गया। बावजूद इसके जब कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया।
गार्ड ने बताया कि जैसे ही दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे का नजारा देख सबके पैरों तले से जमीन निकल गई। जैन मुनि का शव फंदे के सहारे छत के पंखे से लटका हुआ था। तभी गार्ड ने इसकी सूचना मंदिर के प्रबंधकों व नाथनगर पुलिस स्टेशन को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चर्चा में सामने आया है कि जैन मुनि ने अपने पीछे सुसाईड नोट लिख छोड़ा है। हालांकि पुलिस ने इस तरह की चर्चाओं को गलत बताया है।