
मुंबई। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर की सोमवार को हुई गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ है कि इकबाल कासकर 2013 से ही एक्टॉर्शन का धंधा चला रहा है। साथ ही उसके इस धंधे में कुछ कॉर्पोटर समेत कई बड़े नेताओं का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि उसके इस धंधे में कई लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का कहना है कि उसके इस धंधे में दाऊद इब्राहिम के शामिल होने की जांच की जा रही है। बिल्डर समेत कुछ नेताओं से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है। सूत्रों से पता चला है कि बिल्डर और नेता मिलकर इकबाल कासकर को सामने वाले बिल्डर का नंबर उपलब्ध कराते थे। फिर सभी की मिलीभगत से कासकर बिल्डर्स से एक्सटॉरशन मनी वसूलता था।
बाहर से बुलवाए जाते थे गुंडे
इस मामले में इकबाल समेत तीन आरोपी अरेस्ट हैं। जैन नाम के बिल्डर से 2016 से एक्सटॉरशन मनी वसूल रहा था। इस मामले में नकदी ही नहीं, कई फ्लैट भी हथियाए गए। अभी तक 10 से 20 नाम सामने आए हैं, जिनसे पिछले कई सालों से कासकर एक्सटॉरशन मनी वसूल रहा था। इस मामले में कुछ बड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें कार्पोटर और उनसे भी बड़े नेता के शामिल हैं। इसके अलावा बॉलीवुड का नाम भी इस मामले से जुड़ता हुआ दिखाई दिया है। जांच में पता चला है कि मुंबई समेत नवी मुंबई, ठाणे और अन्य जगहों पर दहशत पैदा करने के लिए बिहार, यूपी व अन्य राज्यों के कुछ गुंडे बुलवाए जाते थे, जिनसे फ्लैट खाली करवाने का काम लिया जाता था।
गुप्त तरीके से अंजाम दिया गया ऑपरेशन
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हमें कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि दाऊद इब्राहिम के भाई का गैंग हमारे इलाके में सक्रिय हो चुका है। ऑपरेशन प्लान अभिषेक त्रिमुखी डीसीपी क्राइम, इंस्पेक्टर कदम और प्रदीप शर्मा ने इस खुफिया ऑपरेशन की पूरी जानकारी जुटाई है। इस गुप्त ऑपरेशन को बहुत ही सटीक तरीके से अंजाम दिया गया है। इस मामले में दाऊद शामिल है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। साथ ही हम ज्यादा से ज्यादा गिरफ्तार हुए लोगों की कस्टडी लेने की कोशिश करेंगे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अगर किसी नेता का नाम इसमें सामने आता है तो उसकी भी जांच की जाएगी।