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प्रदीप शर्मा अंडरवर्ल्ड से करीबी रिश्तों के चलते हुए थे बर्खास्त, बहाल होते ही इकबाल को किया गिरफ्तार

प्रदीप शर्मा के नाम यूं तो 100 से ज्यादा अपराधिकयों के एनकाउंटर दर्ज हैं, लेकिन माना जाता है कि वे 312 से ज्यादा एनकाउंटर में हिस्सेदार रहे हैं।
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नई दिल्ली

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shachindra shrivastava

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Updated: 19 Sep 2017, 6:28 PM IST

pradeep sharma

pradeep sharma

मुंबई। देश में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिसकर्मी के तौर पर ख्याति पाने वाले प्रदीप शर्मा ने सेवा पर बहाल होने के तुरंत बाद ही दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हालांकि गिरफ्तारी प्रदीप की फितरत में शुमार नहीं है, वह अपराधियों को सीधे सजा देने के लिए जाने जाते रहे हैं। प्रदीप के नाम 100 से ज्यादा एनकाउंटर बताए जाते हैं। माना तो यह भी जाता है कि फिल्म अब तक 56 दया नायक नहीं, बल्कि प्रदीप शर्मा के जीवन पर आधारित है। प्रदीप मूलत: आगरा के रहने वाले हैं और पिता की नौकरी के कारण उनका परिवार महाराष्ट्र पहुंचा। प्रदीप शर्मा के पिता महाराष्ट्र के धुले में अंग्रेजी के प्रोफेसर थे।

विवादों से भरा कार्यकाल
1983 बैच के पुलिस अफसर प्रदीप शर्मा का कार्यकाल विवादों से भरा रहा है। साल 2006 में लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में सत्र न्यायालय से वह बरी हो गए। अंडरवल्र्ड से करीबी के आरोपों के कारण प्रदीप शर्मा को इस मामले में 2009 में निलबिंत किया गया और हाल ही में जुलाई में उनकी बहाली हुई है। इस मामले में गिरफ्तार सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित 13 पुलिस वाले और 8 दूसरे दोषी साबित हुए थे। इस गिरफ्तारी के बाद प्रदीप शर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। न्यायालय से बरी होने के बाद शर्मा ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी और इसका फैसला उनके पक्ष में आया।

दाउद गैंग से करीबी का आरोप
महाराष्ट्र सरकार ने दाउद इब्राहिम गैंग से करीबी के चलते प्रदीप शर्मा को नौकरी से बर्खास्त किया था। खुफिया रिपोट्र्स और जांचों में भी शुरुआती तौर पर यह संदेह पुख्ता हुआ। लेकिन अदालती कार्यवाही में यह साबित हुआ कि प्रदीप पर जो आरोप लगे वे छोटा राजन गैंग की साजिश का हिस्सा थे।

312 अपराधियों के एनकाउंटर में हिस्सेदारी
90 के दशक में मुंबई में जब अंडरवर्ल्ड अपने चरम पर था। तब पुलिस ने बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराने का सिलसिला शुरू किया। माना जाता है कि प्रदीप ने करीब 312 से ज्यादा अपराधिकयों के एनकाउंटर में भूमिका निभाई है। हालांकि बाद में एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों पर गैंगवालों से मिलकर एक-दूसरे के विरोधियों को मारने का आरोप लगा। 2006 का लखन भैया एनकाउंटर मामला भी इसी तरह के मामलों में गिना जाता है।

लखन मामले में बरी होने और बर्खास्तगी का केस जीतने के बाद प्रदीप शर्मा सेवा में वापस आए और अब एक बार फिर उन्होंने अपने हाथ दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि इस बार उन्होंने एनकाउंटर करने के बजाय दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया है।