Delhi Violence को लेकर हुआ बड़ा खुलासा राजधानी में सांप्रदायिक दंगा कराने के लिए खर्च हुए 1.3 करोड़ रुपए Charge Sheet में Delhi Police ने AAP के पूर्व पार्षद Tahir Hussain को बताया मुख्य आरोपी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली ( Delhi Riot ) में फरवरी 2020 में हुई सांप्रदायिक दंगों ( Communal Riots ) पर दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने चार्जशीट दाखिल ( Charge sheet to be filed ) कर दी है। इस चार्जशीट के मुताबिक आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party ) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ( Tahir Hussain ) समेत 14 लोंगों के खिलाफ दंगे ( Delhi Violence ) फैलाने और हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने करीब एक हजार पन्नों के चार्जशीट दाखिल की है और इसमें आप पार्षद ताहिर हुसैन को मास्टर माइंड ( Master Mind ) माना गया है।
इसके साथ ही उसके भाई शाह आलम को भी आरोपी बनाया है। पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट ( Kadkaddooma Court ) में अपनी चार्जशीट दाखिल की है।
दिल्ली पुलिस ने फरवरी में हुई सांप्रदायिक दंगों को लेकर 1030 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। इस चार्जसीट में पुलिस ने कहा है कि पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि हिंसा के वक्त आरोपी ताहिर हुसैन अपनी छत पर था।
हुसैन ने ही हिंसा भड़काई थी इसके साथ ही उसने दंगों की साजिश रची थी और दंगे कराने के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपए खर्च किए।
पुलिस ने कहा है कि उत्तर दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुए दंगे में ताहिर हुसैन की अहम भूमिका थी। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि ताहिर हुसैन ने बड़े पैमाने पर दंगे की साजिश रची थी।
दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा कि हिंसा से पहले आरोपी ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) और राष्ट्रीय नागरकिता रजिस्टर ( NRC ) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोगों से बातचीत की थी। ताहिर ने जेएनयू ( JNU )के पूर्व छात्र उमर खालिद से भी बात की थी।
उमर खालिद का भी नाम
चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने उमर खालिद और खालिद सैफी से भी मुलाकात की थी। ये वे लोग हैं, जिन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ दिल्ली में आन्दोलन चलाया था।
आपको बता दें कि ताहिर हुसैन, मुस्तफाबाद विधानसभा के नेहरू विहार वार्ड से पार्षद हैं। दिल्ली हिंसा में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निकाल दिया था। ताहिर पर आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या समेत दिल्ली में हिंसा फैलाने का आरोप है।