वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय की मौत के बाद पुलिस को अब उनका सुसाइड नोट मिला है।
दिल्ली। मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय की मौत के बाद पुलिस को अब उनका सुसाइड नोट मिला है। मुंबई पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात का खुलासा किया है कि अपने सुसाइड नोट में हिमांशु ने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
सुसाइड नोट में लिखा...परिवार को न करें परेशान
मुंबई पुलिस ने बताया कि सुपरकॉप ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वो पिछले दो साल से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। इस वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया है। हिमांशु रॉय को पहले से अंदेशा था कि उनकी मौत पर पूरे देश में हड़कंप मच जाएया। जिसके बाद उनके परिवार से कई तरह के सवाल हो सकते हैं। शायद इसी वजह से उन्होंने नोट में अनुरोध किया है कि उनकी मौत के बाद मीडिया और पुलिस के लोग उनके परिवार को परेशान न करें। एक पेज से सुसाइड नोट के आखिरी में हिमांशु रॉय का हस्ताक्षर भी हैं।
हिमांशु रॉय ने मुंह के अंदर मारी गोली
बता दें कि शुक्रवार की दोपहर करीब 1.40 बजे आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय ने अपने सरकारी आवास पर अपनी सर्विस रिलाल्वर से खुद को गोली मार ली। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी ने अपने मुंह में रखकर गोली मारी जिससे उनके बचने की कोई संभावना न रह जाए। गोली की आवाज सुनते ही परिजन तुरंत उन्हें बाम्बे अस्पताल लेकर गए जहां डाक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
देश के टॉप एनकाउंटर स्पेशलिस्ट में शुमार
महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व प्रमुख हिमांशु रॉय एडीजी रैंक के अधिकारी थे। हिमांशु रॉय का नाम 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में विंदु दारा सिंह की गिरफ्तारी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ के एनकाउंटर, पत्रकार जेडे हत्या प्रकरण, विजय पालांडे-लैला खान डबल मर्डर केस जैसे अहम मामलों से जुड़ा रहा। अंडरवर्ल्ड कवर करने वाले पत्रकार जे डे की हत्या की गुत्थी सुलझाने में भी हिमांशु रॉय ने अहम भूमिका निभाई थी।