Illegal liquor factory: कोरिया जिले के गदबदी के जंगल में अवैध महुआ शराब की फैक्टरी का पर्दाफाश, लंबे समय से चल रही थी फैक्टरी, कई आरोपी मौके से हुए फरार
अंबिकापुर/कोरिया. दुर्ग और बलरामपुर जिले में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद प्रशासन व पुलिस की टीम को ड्रोन कैमरे से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इसी बीच सरगुजा की संभागीय आबकारी उडऩदस्ता टीम ने रविवार को कोरिया जिले के फाटपानी गदबदी के जंगल में ड्रोन कैमरे की मदद से छापेमार कार्रवाई (Illegal liquor factory) की। यहां अवैध महुआ शराब की फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था। कैमरे से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने जंगल में घेराबंदी कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। टीम ने आरोपियों के पास से 80 लीटर महुआ शराब और साढ़े 3 क्विंटल महुआ लाहन जब्त किया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि लंबे समय से कोरिया जिले के लोगों द्वारा शिकायत मिल रही थी कि फाटपानी गदबदी के जंगल में कुछ लोग बड़े पैमाने पर महुआ शराब (Illegal liquor factory) बनाकर जिले भर में सप्लाई कर रहे हैं। जंगल क्षेत्र होने के कारण आरोपी अक्सर एक दिशा से दबिश देने पर दूसरी ओर से भाग जाते थे।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार कार्रवाई के लिए ड्रोन कैमरे का उपयोग किया गया। पहले ड्रोन से इलाके की निगरानी की गई, उसके बाद टीम ने जंगल में चिन्हित स्थानों पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान कोरिया जिले के मुख्य सप्लायर बताए जा रहे नीलकमल सिंह उर्फ नीलू सिंह और उसके साथी संतोष बरगाह को गिरफ्तार (Illegal liquor factory) किया गया। दोनों आरोपी फाटपानी गदबदी के निवासी हैं और अपने घर के नीचे जंगल में नाले के पास महुआ शराब का निर्माण कर सप्लाई कर रहे थे।
टीम ने नीलकमल सिंह के कब्जे से 55 लीटर महुआ शराब और लगभग 3500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। वहीं संतोष बरगाह के पास से 25 लीटर महुआ शराब (Illegal liquor factory) बरामद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें न्यायालय बैकुंठपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया गया।
कार्रवाई (Illegal liquor factory) में आबकारी उपनिरीक्षक टीआर केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारू राम, रमेश दुबे, अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडेय, रणविजय सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता तथा महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।