क्राइम

महाराष्ट्र: हाथ पर लिखकर मांगी रिश्वत, पर फेल हो गया प्लान! भाजपा के नगराध्यक्ष को ACB ने दबोचा

Maharashtra Crime: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के तिरोड़ा नगर परिषद के भाजपा नगराध्यक्ष अशोक असाटी पर 25.22 लाख रुपये का कैटरिंग बिल पास कराने के बदले 3.20 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
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Jul 19, 2026
BJP Leader Bribery Case
हाथ पर रिश्वत की रकम लिखकर मांगने वाले BJP नगराध्यक्ष पर ACB का शिकंजा (Photo: IANS/File)

Gondia ACB Action: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तिरोड़ा नगर परिषद के भाजपा नगराध्यक्ष अशोक असाटी (Ashok Asati) और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि नगर परिषद चुनाव के दौरान किए गए कैटरिंग के भुगतान का बिल पास कराने के बदले 3.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस कार्रवाई के बाद सूबे के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

एसीबी के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में हुए तिरोड़ा नगर परिषद (Tirora Municipal Council) के आम चुनाव के दौरान दी गई कैटरिंग सेवाओं के भुगतान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता को 25.22 लाख रुपये का भुगतान मिलना था। जब वह मई में बकाया राशि जारी कराने के लिए नगराध्यक्ष अशोक असाटी से मिला, तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि केवल 16 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके बदले असाटी ने कथित तौर पर 3.20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। आरोप है कि उन्होंने रिश्वत की रकम अपनी हथेली पर लिखकर शिकायतकर्ता को दिखाई।

शिकायत के बाद ACB ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पता चला कि रिश्वत की रकम नगराध्यक्ष के निजी सहायक के माध्यम से ली जानी थी। इसके बाद 9 जून को एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई भी की, लेकिन उस दिन आरोपी और उसके निजी सहायक ने रिश्वत की रकम स्वीकार नहीं की।

हालांकि, जांच और सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसी आधार पर शनिवार को एसीबी ने तिरोड़ा पुलिस थाने में भाजपा नगराध्यक्ष अशोक असाटी और उनके सहयोगी कैलाश वाघमारे के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज हुआ केस

एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक निलेश लोधी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।

एसीबी ने बताया कि ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम सीधे स्वीकार नहीं की गई, लेकिन जांच में रिश्वत मांगने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
19 Jul 2026 12:00 pm
Published on:
19 Jul 2026 11:58 am
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