
Gondia ACB Action: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तिरोड़ा नगर परिषद के भाजपा नगराध्यक्ष अशोक असाटी (Ashok Asati) और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि नगर परिषद चुनाव के दौरान किए गए कैटरिंग के भुगतान का बिल पास कराने के बदले 3.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस कार्रवाई के बाद सूबे के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
एसीबी के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में हुए तिरोड़ा नगर परिषद (Tirora Municipal Council) के आम चुनाव के दौरान दी गई कैटरिंग सेवाओं के भुगतान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता को 25.22 लाख रुपये का भुगतान मिलना था। जब वह मई में बकाया राशि जारी कराने के लिए नगराध्यक्ष अशोक असाटी से मिला, तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि केवल 16 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके बदले असाटी ने कथित तौर पर 3.20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। आरोप है कि उन्होंने रिश्वत की रकम अपनी हथेली पर लिखकर शिकायतकर्ता को दिखाई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पता चला कि रिश्वत की रकम नगराध्यक्ष के निजी सहायक के माध्यम से ली जानी थी। इसके बाद 9 जून को एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई भी की, लेकिन उस दिन आरोपी और उसके निजी सहायक ने रिश्वत की रकम स्वीकार नहीं की।
हालांकि, जांच और सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसी आधार पर शनिवार को एसीबी ने तिरोड़ा पुलिस थाने में भाजपा नगराध्यक्ष अशोक असाटी और उनके सहयोगी कैलाश वाघमारे के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक निलेश लोधी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
एसीबी ने बताया कि ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम सीधे स्वीकार नहीं की गई, लेकिन जांच में रिश्वत मांगने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।