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मुजफ्फरपुर दुष्कर्म कांड: समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक पर गिरी गाज, लापरवाही का आरोप

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म कांड में बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
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Updated: 5 Aug 2018, 10:26 AM IST
Muzaffarpur
मुजफ्फरपुर दुष्कर्म कांड: समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक पर गिरी गाज, लापरवाही का आरोप

पटना। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म कांड में बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। देवेश कुमार पर घटना के खुलासे के बाद भी कार्रवाई में देरी करने का आरोप है। आरोप है कि टीआईएसएस की सॉशल आॅडिट रिपोर्ट के आने के बाद भी समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक ने कोई कार्रवाई करनी उचित नहीं समझी। जिसके लिए शासन ने उनको दोषी मानते हुए समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक के पद से उनको निलंबित कर दिया है।

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म कांड

वहीं, दूसरी ओर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म कांड को लेकर बिहार ही नहीं, बल्कि देश भर में सियासत तेज हो गई है। केंद्र में सत्ताधारी राजग के खिलाफ विपक्षी एकता के एक प्रदर्शन के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में शेल्टर होम में 34 नाबालिग लड़कियों के साथ हुए दुष्कर्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में कमजोर वर्ग सुरक्षित नहीं रह गया है। समाज के सभी कमजोर वर्गो पर हमले हो रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आज एक तरफ पूरा देश है और दूसरी ओर भाजपा और आरएसएस।

जुल्म की कहानी, पीड़िताओं की जुबानी

शेल्टर होम लड़कियों पर गिए गए जुल्म की कहानी से परदा तब उठा जब पीड़िताओं ने अपने बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए। नेपाल बॉर्डर से शेल्टर होम पहुंची एक लड़की ने अपने पर हुए अत्याचारों की दास्तान बताते हुए कहा कि काउंसिलिंग की बात कहकर उसको एक होटल ले जाया गया। होटल पहुंचने बाद उसको पानी पीने को दिया गया। इस बीच जब पानी उसके कपड़ों पर गिर गया तो उसको पोंछने के लिए एक रुमाल दिया गया। जैसे ही उसने रुमाल से अपना मुंह पोछना चाहा तो वह बेहोश हो गई। घंटों बाद जब उसकी बेहोशी टूटी तो उसने अपने आप को बिना कपड़ों के पाया।

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