झारखंड के चाईबासा से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां मंझारी थाना क्षेत्र के एक गांव में पंचायत ने गर्भवती लड़की को लेकर तुगलकी फरमान सुनाया है।
नई दिल्ली। झारखंड के चाईबासा से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां मंझारी थाना क्षेत्र के एक गांव में पंचायत ने गर्भवती लड़की को लेकर तुगलकी फरमान सुनाया है। दरअसल, एक 13 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई थी। इस मामले को लेकर गांववालों ने मंगलवार को महापंचायत बुलाई। महापंचायत ने बजाए दोषी को सजा सुनाने के उलटा पीड़िता पर ही फरमान जारी कर दिया। पंचायत ने आरोपी के साथ पीड़िता पर भी पांच लाख का जुर्माना ठोक दिया। इसके साथ ही जुर्माना वसूलने के साथ उन्हें जिंदा जलाने का फैसला सुना दिया।
इस पंचायत में गांव वालों के साथ ही 'हो आदिवासी समाज युवा महासभा' के लोग भी मौजूद थे। पहले महापंचायत ने दुष्कर्म के आरोपी रोबिन नाम के युवक को बुलाया, जिसने सबके सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद महापंचायत ने आरोपी और पीड़िता दोनों को सजा सुना दी। घटना की सूचना लगते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। तभी पुलिस कप्तान क्रांति कुमार ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए। वहीं, गांववालों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रोबिन उर्फ मानसिंह कुंकल अपने बड़े भाई के यहां रहता है। इस बीच रोबिन ने छठी क्लास में पढ़ने वाली अपनी भतीजी का दुष्कर्म कर दिया। इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। घटना की जानकारी लगने पर गांव में पंचायत बुलाई गई। जिसमें यह तुगलकी फरमान सुनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पंचायत में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिलाध्यक्ष गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने इस तुगलकी फरमान को सबके सामने पढ़कर सुनाया। पंचायत के फरमान में कहा गया कि हो समुदाय में कोई भी समाज से उपर नहीं होता। क्योंकि समाज में ऐसी घटना फिर न हो, इसलिए दोनों को जिंदा जलाने का फैसला हुआ है।