
Ramesh Rulania Murder Case: डीडवाना के कुचामन सिटी में बीते मंगलवार को बाइक एजेंसी संचालक रमेश रूलानिया की गोली मारकर हत्या के बाद उनके परिजनों और स्थानीय लोगों का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कुचामन पुलिस थाने के सामने चल रहे इस धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं, जो हत्यारों की गिरफ्तारी या उनके एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। क्योंकि हत्या को 30 घंटे से अधिक समय हो चुका है लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं।
इधर, मृतक के शव का न तो पोस्टमार्टम हुआ है और न ही अंतिम संस्कार, क्योंकि परिजन पुलिस की ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बुधवार दोपहर 12:30 बजे धरने में शामिल होने की घोषणा की है।
हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि आज सुबह 10 बजे जयपुर के जालूपुरा आवास से कुचामन सिटी के लिए रवाना होऊंगा। वहां दिवंगत व्यवसायी रमेश रूलानिया के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए चल रहे धरने में शामिल होऊंगा। उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कुचामन पहुंचकर पीड़ित परिवार के समर्थन में धरने में भाग लें। बेनीवाल की मौजूदगी से धरने को और बल मिलने की उम्मीद है।
बताते चलें कि बीते मंगलवार को कुचामन सिटी में रमेश रूलानिया जिम में वर्कआउट कर रहे थे, तभी तीन नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। हमलावर दो स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार होकर आए थे, जिन्हें उन्होंने जिम की इमारत के नीचे खड़ा किया था।
नकाब बांधकर बदमाश दूसरी मंजिल पर स्थित जिम में घुसे और रमेश पर फायरिंग कर तुरंत फरार हो गए। जिम में मौजूद लोगों ने घायल रमेश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हत्या से पहले रोहित गोदारा गैंग ने रमेश से फिरौती मांगी थी, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया था।
इसमें हैरानी की बात यह है कि खुलेआम हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग के सदस्य वीरेंद्र चारण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ली। पोस्ट में चारण ने लिखा कि लगभग एक साल पहले हमने रमेश को फोन किया था, लेकिन उसने अपमानजनक शब्द कहे और सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर चुनौती दी थी कि वह हमें 100 रुपये भी नहीं देगा। आज सबको पता चल गया होगा कि हम किसी को नहीं भूलते। जो हमारे फोन को अनदेखा करेगा, सबकी बारी आएगी।
धरने पर बैठे परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती या उनका एनकाउंटर नहीं करती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस घटना की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय लोग और परिजन रोहित गोदारा गैंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। धरने में शामिल लोग सरकार और पुलिस प्रशासन से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं।