-BSF जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसेलाब-नम आंखों के साथ शामिल हुआ पूरा शहर-अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात था जवान-दमोह के लाल आकिल खान के अंतिम दीदार
दमोह बुधवार की सुबह 7 बजे बीएसएफ की विशेष टुकड़ी पार्थिव देह को जवान के फुटेरा वार्ड स्थित पहुंची, जहां जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जन प्रतिनिधियों ने सुबह अंतिम दीदार किए। सुबह 10.30 बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई। शहर के मुख्य चौराहों पर पंडाल लगाकर अंतिम यात्रा में फूल बरसाए जा रहे थे। शहर के मुख्य चौराहों पर आकिल को श्रद्धासुमन करते हुए फ्लेक्स लगे हुए थे।
सदमे में परिवार
जैसे ही आकिल की पार्थिव देह पहुंची वैसे ही परिजन का पथराई आंखों से लंबा इंतजार खत्म हुआ और आंखों से अविरल आंसुओं की धारा बह रही थी। पत्नी शाजिया खान, वृद्ध मां और बहन का हाल खराब था। 2 साल बेटा दानिश और 5 साल की बेटी फानूस भी विलाप देखकर सहमे हुए एक तरफ खड़े थे।
इसके बाद कतार में अंतिम दीदार करने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े, पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शहर के पठानी मोहल्ला होते हुए कीर्ति स्तंभ, घंटाघर, फुटेरा फाटक होते हुए सिंगपुर कब्रस्तान के लिए अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें हजारों लोग शामिल हुए।
दमोह शहर में सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए सभी वर्ग के लोग एक साथ थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा हो रही थी, हर कोई नम आंखों से बीएसएफ जवान को अंतिम विदाई दे रहा था। अंतिम शव यात्रा बीएसएफ के वाहन से ही निकाली गई थी। सिंगपुर कब्रस्तान में राजकीय सम्मान के साथ आकिल खान को सुपुर्दे खाक किया गया।