दमोह

सरकारी दफ्तरों में बड़ा बदलाव, ऑफिस में ‘चाय’ पर कलेक्टर ने दिए निर्देश

Collector Orders: कलेक्टर ने कहा कि वह आईएस मीट में शामिल होने भोपाल गए थे, जहां उन्होंने इन एडिबल कपों का इस्तेमाल होते देखा था। इसके लिए एक प्लान तैयार किया गया है।

2 min read
Jan 05, 2026
damoh collector orders edible biscuit cups government offices mp news

MP News: प्लास्टिक से मुक्ति के लिए प्रशासन अब एक अभिनव पहल करने जा रहा है। दमोह जिले में पहली बार सरकारी कार्यक्रमों में डिस्पोजल प्लास्टिक कप की जगह बिस्किट से बने खाने योग्य एडिबल कप (Edible Biscuit Cups) देखें जाएंगे। इन कप की खासियत यह है कि यह बिस्किट से बने होते हैं, जिन्हें आप खा भी सकते हैं।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि वह आइएस मीट में शामिल होने भोपाल गए थे, जहां इन एडविल कपों का उपयोग होते देखा था। उन्होंने बताया कि यह कप इसलिए भी बेहद खास लगे क्योंकि इनके उपयोग से प्लास्टिक के कपो का उपयोग सरकारी कार्यक्रमों में तो बंद किया ही जा सकता है।

ये भी पढ़ें

MP में शुरू होगा ‘एक्सप्रेस-वे’ का काम, 3 जिलों और 56 गांवों से गुजरेगी सड़क

प्लास्टिक है खतरनाक

बता दे कि दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले प्लास्टिक कप पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे है। चाय, कॉफी और अन्य पेय पदार्थों के साथ प्रयुक्त होने वाले ये कप न तो आसानी से नष्ट होते हैं और न ही इनका समुचित निपटान हो पाता हैं। ऐसे में खान योग्य कप न केवल प्लास्टिक कचरे को कम करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश भी देंगे।

स्वसहायता समूह को दिया जाएगा प्रशिक्षण

इन एडबिल कप को बनाने के लिए स्वसहायता समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही कपों को बनाने वाली मशीन खरीदी जाएगी। स्वसहायता समूह इन कपों का उत्पादन करेगी। इससे एक ओर समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और दूसरी ओर प्लास्टिक मुक्त भारत में प्रशासनिक सहयोग भी मिलेगा।

यहां उपयोग किए जाएंगे

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर (collector Sudhir Kumar Kochhar) ने प्रशासनिक बैठकों, कार्यालयों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इन एडिबल कपों का उपयोग होगा। यह कप मजबूत बिस्किट से बनाए गए हैं, जिनमें गर्म पेय भी सुरक्षित रूप से परोसे जा सकते हैं। उपयोग के बाद इन्हें खाया जा सकता है, जिससे कचरे की समस्या स्वतः समाप्त हो जाती है।

सरकारी कार्यालयों-कार्यक्रमों में होगा इस्तेमाल

कश्मीर में डल झील में सफर के दौरान कई नाव में चाय, कॉफी आदि बेची जाती है। इन जगहों पर एडबिल कपों का ही उपयोग होता है। पर्यटन विकास विभाग ने आइएस मीट में ऐसी एडबिल कपों का उपयोग किया, जो मुझे अच्छा लगा। मैंने इसके लिए प्लान तैयार किया है। समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी। मशीन खरीदकर समूहों से यह काम कराया जाएगा। सरकारी कार्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों में इन्हीं कपों का उपयोग होगा।- सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर, दमोह

ये भी पढ़ें

MP में 100 करोड़ की लागत से बनेगा ‘स्किल डेवलपमेंट सेंटर’, जल्द शुरू होगा काम

Published on:
05 Jan 2026 12:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर