14 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हवा-पानी से लगने लगा था डर, तीन महीने पहले कुत्ते ने मारी थी खरोंच, दमोह में ठेकेदार की मौत

Dog Scratch Rabies Death: तीन महीने पहले घर के बाहर आवारा कुत्ते ने हमला किया था, हाथ में मामूली खरोंच लगी थी, ढाई महीने बाद हाथ में दर्द हुआ, एक माह पहले दिखे रेबीज के लक्षण।
2 min read
Google source verification
DAMOH

dog scratch rabies death contractor dies after ignoring vaccine, मृतक ठेकेदार वृंदावन विश्वकर्मा की जीवित अवस्था की तस्वीर (Source-patrika)

Damoh Dog Scratch Rabies Death: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में जरा सी लापरवाही एक ठेकेदार के लिए मौत बन गई। सरकारी ठेकेदार पर तीन महीने पहले घर के बाहर निकलते वक्त एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था। हालांकि हमले में ठेकेदार को कोई गंभीर चोट नहीं आई लेकिन उनके हाथ में खरोंच आई थी। ठेकेदार ने खरोंच को गंभीरता से नहीं लिया और रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया। इस घटना के ढाई महीने बाद हालात बिगड़े और बीते पांच दिनों में ठेकेदार की हालत बिगड़ती गई और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

कुत्ते के हमले में हाथ में आई थी खरोंच

तेंदूखेड़ा नगर के निवासी व शासकीय ठेकेदार वृंदावन विश्वकर्मा गुड्डू (50) का रेबीज संक्रमण के कारण देर रात निधन हो गया। वृंदावन विश्वकर्मा व्यवसाय के सिलसिले में जबलपुर में रह रहे थे। करीब तीन माह पहले सुबह घर का दरवाजा खोलकर बाहर निकलते समय एक संदिग्ध कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया था। चूंकि गंभीर चोट नहीं आई थी, इसलिए उन्होंने रेबीज का टीकाकरण नहीं कराया था। करीब ढाई माह बाद उनके एक हाथ में दर्द शुरू हुआ। हाल में पांच दिन पहले वे जबलपुर के एक चिकित्सक के पास पहुंचे, जहां जांच के दौरान रेबीज संक्रमण की आशंका जताई गई और मेडिकल रेफर कर दिया।

हवा-पानी से भी डरने लगे थे

बीते पांच दिनों में ठेकेदार वृंदावन विश्वकर्मा की तबीयत दिन ब दिन तेजी से बिगड़ी। हालात ये हो गए थे कि वो ठंडी हवा और पानी से डरने लगे थे। डॉक्टर्स ने उनकी जान बचाने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। डॉक्टरों ने बताया कि एक बार रेबीज के लक्षण प्रकट हो जाने के बाद इस बीमारी का प्रभावी उपचार संभव नहीं होता। ठेकेदार वृंदावन विश्वकर्मा के निधन के बाद उनका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को तेंदूखेड़ा लेकर आए जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

एक्सपर्ट कमेंट: पंजे या लार का संपर्क खतरनाक

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा के सीबीएमओ डॉ. अशोक बरोनिया ने बताया कि किसी व्यक्ति को संदिग्ध या पागल कुत्ता काट ले, पंजा मार दे या झपटने के दौरान उसकी लार शरीर की खरोंच, घाव या त्वचा के संपर्क में आ जाए, तो 24 घंटे के भीतर रेबीज रोधी इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए। कई बार कुत्ता काटता नहीं है, लेकिन उसके पंजे या लार के माध्यम से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। यदि समय रहते टीकाकरण नहीं कराया गया और बाद में रेबीज के लक्षण विकसित हो गए, तो वर्तमान में इसका प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है।