
jain family robbery case two accused arrested, जैन परिवार के घर हुई डकैती का पुलिस ने किया खुलासा (source-patrika)
Damoh Jain Family Robbery Case: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र के सूखी पिपरिया गांव में 3-4 जुलाई की मध्यरात्रि हुई डकैती के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से 42 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी के जेवर, एक बाइक और एक कट्टा भी जब्त किया गया है। मामले में दो नामजद और दो अन्य आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी है, जिससे प्रकरण में आगे पूछताछ की जा सके। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस के खुलासे पर भी संदेह किया जा रहा है, जिसकी वजह जब्त जेवर सामग्री मुख्य वजह है।
एसपी आनंद कलादगी ने रविवार को कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 3-4 जुलाई की मध्यरात्रि हुई डकैती की वारदात में 6 आरोपी शामिल थे। इनमें से चार मुख्य आरोपी शंकर यादव पिता राजेश यादव निवासी दमोह, राहुल अहिरवार पिता नन्हेभाई अहिरवार निवासी दमोह, दिप्पू उर्फ दीपक बंसल निवासी दमोह और रानू पटेल ने घर के अंदर घुसकर पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर मारपीट करते हुए डकैती की। जबकि दो अन्य आरोपियों को नीचे पहरे के लिए लगाया गया था। इनमें से शंकर यादव और राहुल अहिरवार को पुरानी हाउसिंग बोर्ड से गिरफ्तार किया गया है।
एसपी के अनुसार पुलिस की 6 टीमों के 30 से अधिक कर्मचारी लगातार अलग-अलग बिंदु पर एक सप्ताह से जांच में जुटे थे। इस दौरान मिले कुछ तथ्यों, 200 सीसीटीवी के फुटेज के विश्लेषण, संदिग्धों से पूछताछ और सायबर की मदद से दो दिन पहले ही हमें लीड मिली थी। इस दौरान दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल भी ऑन किए थे, जो कि काफी लंबे समय से बंद थे। इसके बाद सामने आई सीडीआर में आरोपियों के बीच बार-बार संपर्क होना पाया गया। तत्काल की टीम ने राहुल और शंकर यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो जुर्म करना कबूल किया। साथ ही पूरी वारदात को बताया। पुलिस के अनुसार शंकर यादव पर पुराने 17 अपराध और राहुल पर 3 अपराध पंजीबद्ध है।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने डकैती की वारदात के पहले करीब एक हफ्ते तक रैकी भी की थी। इसके बाद पूरी घटना को अंजाम दिया था। बताया गया है कि दो आरोपी दिप्पू उर्फ दीपक बंसल और रानू पटेल पहले से ही पीड़ित विजय जैन को जानते थे। इसके बाद सभी ने मिलकर पहले प्लान बनाया। फिर बाइक से एक पॉइंट पर एकत्रित हुए और खेत के रास्ते से घर में घुसकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। दो अन्य आरोपी नीचे पहरा देते रहे। दीपक बंसल पर भी पूर्व के 14 अपराध होना बताया गया है। बताया गया है कि चारों नामजद आरोपी करीब ढाई महीने ही जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद उन्होंने यह वारदात की है।
डकैती की इस वारदात को लेकर दो आरोपियों के पकड़े जाने के खुलासा के दौरान पुलिस एक पॉइंट पर जवाब देने में असहज नजर आई। पुलिस द्वारा जब्त किए गए 42 ग्राम सोने के दो हार, एक मंगलसूत्र, बेंदी और दो अंगूठी और चांदी के दो करधनी, एक पायल और एक चैन नए नजर आ रहे हैं। जबकि डकैती में गए जेवर पुराने और यूज्ड यानि पुराने थे। जबकि चांदी के जेवरात अधिकांश गिरबी वाले बताए थे। मामले में जब एसपी से जेवर नए दिखने का सवाल किया गया, तो उनका जवाब भी हैरत वाला था। एसपी के अनुसार वह तो आपको वेरिफिकेशन के बाद ही क्लीयर हो जाएगा कि नया है या पुराना। इससे स्पष्ट है कि पुलिस ने अब तक जेबर को पीडि़त पक्ष से वेरिफाई नहीं कराया था।
मामले में पीड़ित पक्ष के अशोक जैन, विजय जैन ने बताया कि पुलिस ने सुबह उन्हें बुलाया था। इसके बाद वह थाने गए हुए थे, जहां दिखाया गया जेवर उनका नहीं लग रहा था। जेवर देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे गलाकर नया बनाया गया हो। इस संबंध में पुलिस ने उनसे कोई चर्चा भी नहीं की है।
Updated on:
12 Jul 2026 09:02 pm
Published on:
12 Jul 2026 09:01 pm
