
Damoh Employment Assistant Bribery Case: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला दमोह जिले का है जहां रोजगार सहायक को सागर लोकायुक्त की टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। रोजगार सहायक पीएम आवास की तीसरी किस्त और जियो टैगिंग के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था और 22 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर पहले ले चुका था।
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक की परासई पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को गुरुवार को सागर लोकायुक्त की टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी के खिलाफ परासई गांव के रहने वाले संजू रैकवार ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी संजू रैकवार ने बताया था कि उसके नाम पर प्रधानमंत्री आवास की कुटीर स्वीकृत हुई है। पीएम आवास की दो किस्तें उसे जारी हो चुकी हैं और तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर रोजगार सहायक ने उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है।
फरियादी संजू रैकवार ने अपनी शिकायत में लोकायुक्त को ये भी बताया कि वो रिश्वत के तौर पर 22 हजार रुपये पहले ही रिश्वतखोर रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को दे चुका है। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को रिश्वत की आखिरी किस्त के 8 हजार रुपये देने के लिए रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी के पास फरियादी को भेजा। रोजगार सहायक ने जैसे ही रिश्वत के रुपये फरियादी से लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह उइके ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित संजू रैकवार ने प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त के लिए रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी द्वारा पैसे मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर गुरुवार को यह ट्रैप कार्रवाई की गई। इस दौरान पंचायत कार्यालय में ही रोजगार सहायक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।