दमोह

गर्ल्स हॉस्टल की जर्जर सीलिंग का प्लास्टर गिरा, दमोह में आधा दर्जन से ज्यादा छात्राएं घायल

Girls Hostel Ceiling Collapse Incident: सीलिंग का प्लास्टर गिरने से हॉस्टल में मचा हड़कंप, घायल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया, अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं के बारे में जानकारी ली।
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Jul 01, 2026
damoh
girls hostel ceiling collapse students injured, सीलिंग का गिरा हुआ प्लास्टर और अस्पताल में घायल छात्राएं (source-patrika)

Damoh Girls Hostel Ceiling Collapse: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के राजाबंदी में शिक्षा विभाग के मिडिल कक्षा के छात्रावास के एक कक्ष की सीलिंग का प्लास्टर छात्राओं के ऊपर गिर गया। सीलिंग का प्लास्टर गिरने से आधा दर्जन से अधिक छात्राएं घायल हुई है। गनीमत रही कि छत का स्लैब नहीं गिरा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस हादसे के तत्काल बाद घायल छात्राओं को गंभीर हालत में पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में कुछ को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इधर, घटना की जानकारी पर एसडीएम हटा, बीईओ, तहसीलदार, थाना प्रभारी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

छात्राओं पर गिरा सीलिंग का प्लास्टर

बुधवार की दोपहर छात्राएं छात्रावास में बिस्तर पर बैठकर पढ़ रही थीं, इसी दौरान एकाएक सीलिंग का प्लास्टर छात्राओं के ऊपर गिर गया। जिससे नीचे बैठीं छात्राएं चोटिल हो गईं और डर गईं। चीख पुकार के बाद घायल छात्राओं को तत्काल विधायक प्रतिनिधि दिलीप पटेल द्वारा निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक पटेल एवं स्वास्थ्य टीम द्वारा उनका उपचार किया गया। मामले में डीपीसी ने तात्कालिक लापरवाही प्रदर्शित होने पर छात्रावास वार्डन सीता स्वामी तिवारी को निलंबित कर दिया है।

ये छात्राएं घायल

घायल छात्राओं में रश्मि अहिरवार, अनामिका लोधी, लक्ष्मी अहिरवार, शिक्षा सेन, लक्ष्मी बर्मन, ज्योति सिंह, काजल अहिरवार एवं बबली पटेल शामिल हैं। इनमें कुछ छात्राओं को अधिक चोटें आने के कारण बेहतर उपचार के लिए 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी, थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश गुजरे ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। बाद में हटा एसडीएम राकेश मरकाम भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा पहुंचे और घायल छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। घटना की सूचना मिलते ही सभी घायल बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।

2008 में बना था छात्रावास

बताया गया है कि कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं के लिए 2008 में इस छात्रावास का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया निर्माण के चलते यह छात्रावास 10 साल में ही जवाब देने लगा था। 2023 में इसे जर्जर मानकर इसके मेंटेंनेंस की फाइल बन गई। तीन साल पहले फ्लोरिंग, प्लास्टर और छत रिपेयरिंग के लिए 7 लाख का प्रस्ताव डीपीसी ने राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा था, जो अभी तक मंजूर नहीं हो सका है। यही वजह है कि तीन साल से जर्जर छात्रावास में रहने छात्राएं मजबूर थीं और हादसे का इंतजार किया जा रहा था।

Published on:
01 Jul 2026 08:05 pm