
Damoh Collector Jan Sunwai: मध्यप्रदेश के दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब पटेरा तहसील के भरताला गांव से आई एक महिला ने अधिकारियों के सामने जहरीली गोलियों का पैकेट निकाल लिया। महिला ने कहा कि यदि उसकी जमीन का नामांतरण और कब्जा नहीं दिलाया गया तो वह यहीं जहरीली गोलियां खाकर आत्महत्या कर लेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अधिकारियों ने तत्काल महिला को समझाइश दी और मामले के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
भरताला निवासी नीतू राजपूत ने बताया कि उसने पांच वर्ष पहले मोहनी राजपूत से पांच आरे जमीन (लगभग 5,000 वर्गफीट) खरीदकर उसकी रजिस्ट्री कराई थी, लेकिन आज तक न तो नामांतरण हुआ और न ही जमीन पर कब्जा मिल सका। महिला का आरोप है कि विक्रेता के चाचा तेजी सिंह ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। महिला ने बताया कि वह चार बार तहसील कार्यालय और तीन बार कलेक्ट्रेट में शिकायत कर चुकी है, लेकिन हर बार अगली तारीख देकर मामला टाल दिया जाता है। उसने तहसीलदार और पटवारी पर लापरवाही तथा मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया।
जनसुनवाई के दौरान महिला ने अधिकारियों के सामने जहरीली गोलियों का पैकेट निकाल लिया। मौके पर मौजूद महिला थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने उससे गोलियां लेने का प्रयास किया, लेकिन महिला ने उन्हें वापस अपने बैग में रख लिया। बाद में जब वह जनसुनवाई से बाहर निकली तो महिला पुलिस कर्मियों ने उसकी सुरक्षा के मद्देनजर गोलियों का पैकेट अपने कब्जे में ले लिया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलगारे ने महिला की शिकायत सुनने के बाद पटेरा तहसीलदार से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित है और इसकी अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित है। महिला को आश्वस्त किया गया कि नियमानुसार उसके मामले का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा।
वहीं मध्यप्रदेश के अशोनगर में मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे एक किसान ने कलेक्ट्रेट में खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह करने कोशिश की जिससे कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। हालांकि वक्त रहते मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने किसान को रोक लिया जिससे बड़ी घटना होने से टल गई। पीड़ित किसान का नाम टुंडा अहिरवार है वह रातीखेड़ा गांव का रहने वाला है। टुंडा अहिरवार मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ जनसुनवाई में पहुंचा था।रोते-बिलखते किसान टुंडा ने बताया कि रातीखेड़ा में उसकी 5 बीघा जमीन है। इस जमीन का पिछले साल ही विधिवत सीमांकन भी हो चुका है। इसके बावजूद, गांव के ही तीन दबंग लोगों ने सुबह उसकी जमीन पर जबरन बोवनी कर दी। किसान टुंडा ने ये भी बताया कि वो दबंगों की दबंगई से कई दिनों से परेशान है और कई बार जमीन पर कब्जे को लेकर शिकायतें कर चुका है, सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।