
Damoh Woman Gives Birth at Bus Shelter: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही सामने आई है। यहां एक यात्री प्रतीक्षालय में गांव की महिलाओं की मदद से महिला का प्रसव कराना पड़ा। गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन काफी समय बाद तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन ई-रिक्शा से प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिए निकले। रास्ते में ई-रिक्शा भी खराब हो गया और तेज प्रसव पीड़ा होने पर रोड किनारे यात्री प्रतीक्षालय में ही स्थानीय महिलाओं ने पर्दा लगाकर प्रसव कराया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दमोह जिले के माला मलागढ़ ग्राम पंचायत के नया गांव टोला निवासी कविता बाई 30 वर्ष को तेज प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन बताया गया कि एंबुलेंस को पहुंचने में करीब 8 घंटे का समय लगेगा। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए रिश्तेदार उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद महिला को पास ही बने यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर पुनः एंबुलेंस का इंतजार किया, लेकिन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई।
महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ते देख परिजनों ने तुरंत गांव की महिलाओं को बुलाया गया। गांव की महिलाओं ने तत्परता दिखाते हुए साड़ियों की सहायता से यात्री प्रतीक्षालय में पर्दा लगाया और फिर यात्री प्रतीक्षालय में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। इस दौरान आयुष विभाग के डॉक्टर मौजूद थे, लेकिन नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र, जो महज सौ मीटर की दूरी पर था, वहां स्वास्थ्य विभाग का कोई स्टाफ उपलब्ध नहीं था।
प्रसूतिका के देवर नोने सिंह ने बताया कि समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य स्टाफ नहीं मिलने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सुविधा मिल जाती, तो महिला को इस तरह परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। प्रसव के बाद बम्होरी सरपंच प्रतिनिधि रितेश राय ने मानवता का परिचय देते हुए अपनी निजी बोलेरो वाहन से जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद की। वर्तमान में प्रसूतिका को रोड स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
परिजनों ने बताया कि कविता के पति रतन सिंह का 10 दिन पहले ही बिजली गिरने से निधन हुआ है। घर में गंगाजलि का कार्यक्रम चल रहा था और गम का माहौल था। इसी दौरान कविता को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस वक्त पर न मिलने के कारण उसे अस्पताल तक लेकर भी नहीं पहुंच पाए। भगवान का शुक्र है कि सब कुछ ठीक है और कविता और उसका बच्चा स्वस्थ है।