
Youth suspicious death: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कुम्हारी थाना क्षेत्र के गाड़ाघाट में एक युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला सामने आया है। मृतक नीमच जिले का निवासी था और अपने पिता, दादा, भाई के साथ दो दिन पहले दमोह जिले में अपनी ससुराल आया था। परिजनों के अनुसार युवक ने खुद ही घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में खास बात यह है कि मृतक बीते चार दिनों से पुलिस-पुलिस चिल्ला रहा था। उसे उठते, सोते, खाते, आसमान में देखते हुए हर जगह पुलिस ही नजर आ रही थी। इसी से उसके परिजन परेशान हो गए थे।
जानकारी के अनुसार नीमच जिले के अलोरी गांव निवासी अजय पिता दीपक मेवाड़ (27) वर्ष का विवाह दमोह जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के गाड़ाघाट गांव के सीताराम राय की पुत्री से हुआ था। जिसके करीब 5 साल हो चुके है। अजय के दो बच्चे भी है। वह कंबल, रजाई बेचने का काम करता था। पिता दीपक मेवाड़ के अनुसार बीते कुछ दिन से अजय की मानसिक हालत बिगड़ रही थी और वह हर जगह पुलिस देख रहा था।
सोते समय अचानक उठ जाता और पुलिस आ रही है, पकड़ ले जाएगी, बचाओ-बचाओ जैसी हरकतें कर रहा था। ऐसे में वे अपने पिता हजारीलाल और दो रिश्तदारों के साथ अजय को लेकर उसकी ससुराल गाड़ाघाट आए थे। दशहरा के दिन अजय को उसके परिजन पन्ना जिले के रैपुरा में किसी दिवाले में झाडफ़ूंक के लिए लेकर गए थे। इसके बाद सभी गाड़ाघाट अजय की ससुराल चले गए और वहां रात्रि विश्राम करने के बाद सुबह सभी को नीमच के लिए निकलना था।
दीपक मेवाड़ के अनुसार सुबह 5 बजे वह घर पर पलंग पर नहीं था, ऐसे में आसपास उसे देखा गया। इसके बाद उसे किचन में संदिग्ध अवस्था में देखा गया। अजय का शरीर गर्म और सांसें चल रही थी, इसीलिए उसे तत्काल लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां से पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अजय के ससुर सीताराम राय ने बताया कि उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया। सुबह वह प्रभात फेरी के लिए गए थे, जहां से वापस लौटे तो रोने की आवाज सुनकर वह घबरा गए और सीधे अस्पताल आ गए। घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में अस्पताल पुलिस चौकी ने शून्य पर मर्ग कायम किया है। साथ ही सूचना कुम्हारी पुलिस को दी गई है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।