संवेदनशील एरिया अरनपुर से मुलेर तक लंबे समय से सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। हाल ही में इसका ठेका बाहर के एक निर्माण एजेंसी को मिली थी।इसकी जानकारी का नक्सलियों को लग गई और उनका दल यहां पहुंच गया।
जगदलपुर. दंतेवाड़ा जिले के मुलेर ग्राम को जोडऩे वाली सड़क निर्माण के ठेका लेने के बाद सर्वे करने पहुंचे पीएमजीएसवाय के सब इंजीनियर अरूण कुमार मरावी, मनरेगा के तकनीकी सहायक मोहन बघेल और ठेकेदार के मुंशी का नक्सलियों ने शुक्रवार को नहाड़ी गांव के पास से अपहरण कर लिया था।
इसके बाद से 36 घंटे गुजर चुके हैं लेकिन इनका अबतक कोई पता नहीं है। शनिवार की शाम 6 बजे दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने जरूर इन्हें रिहा कर देने की बात कही थी। लेकिन जब वे देर रात तक अरनपुर कैंप नहीं पहुंचे तो उन्होंने भी माना कि का नक्सलियों ने उन्हें अब तक रिहा नहीं किया है।
गौरतलब है कि संवेदनशील एरिया अरनपुर से मुलेर तक लंबे समय से सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। हाल ही में इसका ठेका बाहर के एक निर्माण एजेंसी को मिली थी। निर्माण से पहले सर्वे के लिए गुरुवार की दोपहर इनकी टीम जब नहाड़ी गांव के करीब पहुंची।
इधर इसकी जानकारी का नक्सलियों को लग गई और उनका दल यहां पहुंच गया। पूछताछ के लिए वे उन्हें अपने साथ ले गए। करीब 29 घंटे तक अपने साथ रखने के बाद शनिवार को बड़े लीडरों ने इनसे पूछताछ की। इसके बाद शाम 6 बजे इन्हें अरनपुर के पास रिहा कर देने की बात सामने आई।
लेकिन देर रात तक वे अरनपुर कैंप नहीं पहुंच पाए थे। एसपी ने आशंका जताई है कि रात हो जाने की वजह से रास्तें में आईईडी और स्पाइक होल्स की वजह से इन्हें आने नहीं दिया। रविवार की सुबह इनकी रिहाई हो सकती है। उन्होंने ये भी कहा की सुरक्षा कारणों से अभी हम कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।