दंतेवाड़ा

Love Temple of Bastar: क्या सच में मिल जाते हैं बिछड़े प्रेमी? बस्तर के इस मंदिर की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान

Bastar Mystery Temple: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा मार्ग पर स्थित मुकड़ी मावली माता मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां प्रेमी युवक अपनी प्रेमिका की तस्वीर और मन्नत की चिट्ठी चढ़ाकर माता से आशीर्वाद मांगते हैं।
2 min read
Love Temple of Bastar
Love Temple of Bastar: बस्तर का अनोखा मंदिर(photo-patrika)

Love Temple of Bastar: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा मार्ग पर स्थित मुकड़ी मावली माता मंदिर को स्थानीय लोग एक अनोखे "Love Temple" के रूप में भी जानते हैं। यहां से जुड़ी मान्यताएं वर्षों से लोगों के बीच प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर प्रेमियों की मन्नतों से जुड़ा हुआ है, जहां युवक अपनी प्रेमिका की तस्वीर और मन्नत की चिट्ठी चढ़ाकर माता से आशीर्वाद मांगते हैं।

मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना से बिछड़े प्रेमियों का मिलन हो सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मंदिर की यह परंपरा इसे बस्तर के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में शामिल करती है।

Mukkadi Mawli Mata Temple: केवल प्रेमी युवकों को प्रवेश की मान्यता

मंदिर की सबसे चर्चित परंपरा यह है कि यहां केवल पुरुष श्रद्धालुओं, विशेषकर प्रेमी युवकों के प्रवेश की मान्यता बताई जाती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं और लड़कियों का मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश वर्जित माना जाता है। यही वजह है कि यह मंदिर लंबे समय से लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है।

तस्वीर और मन्नत की चिट्ठी चढ़ाने की परंपरा

मंदिर में आने वाले युवक अपनी प्रेमिका की तस्वीर और एक मन्नत का पत्र लेकर पहुंचते हैं। पत्र में वे अपनी मनोकामना लिखकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं और अपने रिश्ते की खुशहाली एवं साथ बने रहने की प्रार्थना करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परंपरा का पालन करने यहां पहुंचते हैं।

सुरक्षित रखे जाते हैं पत्र और तस्वीरें

मंदिर से जुड़ी एक और दिलचस्प मान्यता यह है कि यहां चढ़ाई गई तस्वीरों और पत्रों को कोई हाथ नहीं लगाता। इनकी देखरेख मंदिर के पुजारी करते हैं और इन्हें सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि, इन मान्यताओं और श्रद्धालुओं के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। मुकड़ी मावली माता मंदिर आज आस्था, लोकविश्वास और बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है, जो देशभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

Updated on:
17 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
17 Jul 2026 05:39 pm