दंतेवाड़ा

आखिर किस बात की है रेलवे और एस्सार में ठनी, किसने दी पाइप लाइन उखाडऩे की चेतावनी, पढ़ें खबर

372 करोड़ रुपए का बकाया, रेल ट्रेक के साथ-साथ स्लरीपाइप लाइन बिछाकर किरंदुल से किया जाता रहा है अयस्क की सप्लाई।
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Updated: 22 Dec 2017, 11:34 PM IST
आखिर किसने दी पाइप लाइन उखाडऩे की चेतावनी
आखिर किसने दी पाइप लाइन उखाडऩे की चेतावनी

दंतेवाड़ा. किंरदुल से विशाखापटनम तक स्लरी पाइप लाइन बिछाकर लौह अयस्क की सप्लाई करने वाली एस्सार कंपनी से इस पाइप लाइन की बदौलत मिलने वाली 372.44 करोड़ रुपए का बकाया नहीं मिल सका है। बकाया रकम की वसूली नहीं होने के चलते इस 400 किमी लंबी पाइप लाइन को उखाडऩे की चेतावनी ईस्ट-कोस्ट रेलवे ने जारी की है।

2014 से अब तक एस्सार ने नहीं की भुगतान
पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एस्सार कंपनी तीन साल से रेलवे की जमीन से इस पाइप लाइन के जरिए सालाना 1.2 मीट्रिक टन लौह अयस्क सप्लाई करती है। किरंदुल से विशाखापटनम जाने वाली रेल लाइन के साथ गुजरने वाली इस पाइप लाइन को डुवावाड़ा के समीप रेलवे ने यह जुर्माना लगाया है। साल 2014 से अब तक एस्सार ने रेलवे को इसकी एवज में कोई भुगतान नहीं किया है।

...तो इसलिए दी पाइप लाइन उखाडऩे की चेतावनी
इसे देखते रेलवे ने कड़ा कदम उठाते सप्ताह भर के भीतर 50 करोड़ रुपए अदा करने कहा है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि समय पर यदि यह रकम नहीं अदा की जाती है तो इस पाइप लाइन को उखाडऩे कोताही नहीं बरती जाएगी। ज्ञात हो कि एस्सार की यह पाइप लाइन बस्तर के अधिकांश माओवाद प्रभावित इलाकों से भी गुजरती है। पहले भी माओवादी निशाने पर रही इस पाइप लाइन ने कई विवादों को लेकर चर्चित रही है।

मिनीमम गारंटिड ट्रेफिक का मसला
एस्सार की स्लरी पाइप लाइन किरंदुल से लेकर विशाखापटनम तक कई जगहों पर रेलवे ट्रेक के साथ साथ गुजरती है। इसकी एवज में रेलवे ने मिनीमम गारंटिड ट्रेफिक लेना तय किया था। बताया जा रहा है कि इसी एमजीटी का तीन साल का बकाया तीन सौ करोड़ से अधिक का हो गया है। लंबे अरसे से यह ट्रेफिक की राशि बकाया होने से यह रकम बढ़ती ही जा रही है। रेलवे ने अब इसकी वसूली के लिए कंपनी को चेतावनी जारी की है।

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