
बस्तर में मुफ्त एम्बुलेंस सेवा शुरू (Photo Source- Patrika)
NMDC Ambulance Service: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दुर्गम वनांचलों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना अब थोड़ा आसान हो सकेगा। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) ने दूरस्थ गांवों के मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। इससे उन ग्रामीण परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बीमारी या आपातकालीन स्थिति में अस्पताल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
बस्तर के कई दूरस्थ इलाकों में पहाड़ी रास्तों और परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण अस्पताल पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। कुछ बस्तियों के लोगों को पहले करीब 16 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ऐसे में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन जाता है। NMDC की नई एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य इसी समस्या को कम करना है।
NMDC की ओर से यह निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा 23 अक्टूबर को शुरू की गई। इसका संचालन लोहागांव जंक्शन से किया जा रहा है। सेवा के माध्यम से लोहागांव, अंद्रि, गम्फुर, डोडी टिम्मेनार, पुरंगेल, करका और तंबोडी सहित आसपास के दुर्गम वनांचलों में रहने वाले लोगों को अस्पताल पहुंचने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से दूरस्थ गांवों के उन परिवारों को मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बीमारी के दौरान निजी वाहन या अन्य साधन नहीं मिलने पर लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।
एम्बुलेंस सेवा जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में सहायक होगी। डिपॉजिट-13 परियोजना क्षेत्र में शुरू की गई इस सुविधा का विकास NMDC लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) के संयुक्त उपक्रम NMDC-CMDC लिमिटेड (NCL) की परियोजना से जुड़ा है।
दूरस्थ वनांचलों में अस्पताल तक पहुंचने के लिए परिवहन सुविधा का अभाव ग्रामीणों की बड़ी समस्या रही है। परियोजना क्षेत्र से जुड़ी जानकारी के अनुसार, कुछ बस्तियों के लोगों को अस्पताल जाने के लिए करीब 16 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। इतनी दूरी तय करने में पांच से छह घंटे तक लग सकते थे। सामान्य परिस्थितियों में भी इतनी लंबी दूरी तय करना मुश्किल होता है।
वहीं, गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना हो, किसी बुजुर्ग को सांस लेने में परेशानी हो या बच्चा अचानक बीमार पड़ जाए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में मुफ्त एम्बुलेंस सेवा ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचने का वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराएगी। इससे विशेष रूप से उन परिवारों को मदद मिल सकती है, जिनके पास आपातकाल में निजी वाहन की व्यवस्था नहीं होती।
नई एम्बुलेंस सेवा से डिपॉजिट-11सी और डिपॉजिट-14 के आसपास रहने वाले समुदायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों के निवासी परिवहन सुविधा प्राप्त करने के लिए लोहागांव तिराहे तक पहुंच सकते हैं।एम्बुलेंस में मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध है। इसके संचालन के लिए एक चालक तैनात किया गया है और NMDC के कर्मचारी भी सहयोग करते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य दूरस्थ गांवों के जरूरतमंद लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में सहायता देना है। हालांकि, सेवा के निर्धारित समय, संपर्क नंबर और आपातकालीन बुकिंग की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित प्रबंधन से प्राप्त की जा सकती है।
NMDC की ओर से दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पहले से ही 'हॉस्पिटल ऑन द व्हील्स' नाम से मोबाइल चिकित्सा पहल संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक रविवार को चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ गांवों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाती है और उनकी चिकित्सा संबंधी जरूरतों का आकलन किया जाता है।
इस मोबाइल चिकित्सा सेवा में एक डॉक्टर और दो नर्स तैनात रहते हैं। टीम गांवों तक पहुंचकर बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम करती है। नई एम्बुलेंस सेवा इस पहल को सहयोग देगी। जहां मोबाइल चिकित्सा टीम गांवों तक पहुंचकर स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक सहायता देती है, वहीं एम्बुलेंस जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करेगी।
किरंदुल अस्पताल से जुड़े और मोबाइल चिकित्सा सेवा का संचालन करने वाले डॉ. एम. वी. लाल, सीएमओ-एनएमडीसी ने बताया कि 'हॉस्पिटल ऑन द व्हील्स' वाहन में ईसीजी मशीन उपलब्ध है। मधुमेह के मरीजों के लिए बुनियादी दवाएं भी रखी जाती हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल चिकित्सा टीम शुरुआती उपचार उपलब्ध कराती है। जिन मरीजों को आगे की जांच या विशेष उपचार की जरूरत होती है, उन्हें किरंदुल अस्पताल भेजा जाता है। दूरस्थ इलाकों में इस तरह की सुविधा होने से ग्रामीणों को शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी मदद मिल सकती है। नियमित शिविरों के माध्यम से बीमारियों की पहचान और मरीजों को आगे के उपचार के लिए उचित चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में भी सहायता मिलती है।
बस्तर के दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ अस्पताल तक पहुंचने के लिए परिवहन भी एक महत्वपूर्ण जरूरत है। कई बार चिकित्सा केंद्र मौजूद होने के बावजूद दूरी, खराब रास्तों और वाहन की अनुपलब्धता के कारण मरीज समय पर वहां नहीं पहुंच पाते। NMDC की मुफ्त एम्बुलेंस सेवा इसी चुनौती को कम करने की दिशा में एक पहल है। मोबाइल चिकित्सा शिविरों और अस्पताल तक पहुंचाने वाली परिवहन सुविधा के संयुक्त प्रयास से दूरस्थ समुदायों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि जरूरतमंद ग्रामीणों को सेवा कितनी आसानी से उपलब्ध होती है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को कितनी जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। फिलहाल, दुर्गम वनांचलों में रहने वाले लोगों के लिए यह पहल स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Updated on:
25 Oct 2026, 4:49 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 4:49 PM IST
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