दरभंगा में एक युवक ने एक युवती को शादी का झूठा वादा करके सात साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रखा और उसे चार बार अबॉर्शन कराने पर मजबूर किया। अब, पांच महीने की प्रेग्नेंट होने पर आरोपी ने उसे बेरहमी से पीटा और उसकी जाति का हवाला देकर घर से निकाल दिया।
Bihar News: बिहार के दरभंगा जिले में शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिंहवाड़ा थाना इलाके की एक युवती ने अपने लिव-इन पार्टनर पर यौन शोषण, जबरदस्ती भ्रूण हत्या और जाति के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि शादी का वादा करके उस आदमी ने सात साल तक रिलेशनशिप बनाए रखा। इस दौरान वह चार बार प्रेग्नेंट हुई, लेकिन हर बार उसे अबॉर्शन के लिए मजबूर किया गया। जब वह पांचवीं बार प्रेग्नेंट हुई और अबॉर्शन कराने से मना किया, तो उसने उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। पीड़िता ने इस संबंध में महिला थाने में अर्जी दी है।
पीड़िता के अनुसार, जब साल 2019 में वह एक ऑनलाइन एग्जाम सेंटर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रही थी। वहीं उसकी मुलाकात बरहेता गांव के रहने वाले आदर्श कुमार उर्फ आदर्श सिंह से हुई। आदर्श भी वहीं गार्ड की नौकरी करता था। साथ काम करते-करते दोनों की जान-पहचान हुई और फिर फोन पर बातें होने लगीं। पीड़िता के मुताबिक, 'आदर्श ने मासूमियत से अपने प्यार का इजहार किया। उसने कहा कि वह मुझे अपनी पत्नी बना लेगा और हम हमेशा साथ रहेंगे। उसकी मीठी बातों और शादी के वादे में आकर मैंने उसे सब कुछ दे दिया।"
रिश्ता शुरू होने के बाद दोनों साथ में रहने लगे। इस सात साल के दौरान आरोपी ने समाज और कानून की नजरों से बचने के लिए चालाकी भरी चालें चलीं। उसने समय-समय पर शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब 11 बार किराए के कमरे बदले। उसने शक से बचने के लिए अपने पड़ोसियों से लड़की को अपनी पत्नी के तौर पर मिलवाया।
लेकिन इस बंद कमरे के पीछे का सच डरावना था। पीड़िता का आरोप है कि वह 2019 से 2026 के बीच चार बार प्रेग्नेंट हुई। जब भी आरोपी आदर्श को शक होता कि प्रेग्नेंसी में लड़की है, तो वह उसे अल्ट्रासाउंड करवाने और अबॉर्शन के लिए मजबूर करता। महिला ने कहा कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी थी, लेकिन शादी की उम्मीद में सब कुछ सहती रही।
जब भी लड़की उस पर शादी के लिए दबाव डालती, तो आदर्श यही बहाना बनाता कि अप्रैल या मई में उसकी बड़ी बहन की शादी हो जाएगा, तो फिर वो पूरे परिवार की सहमति से मैं उसे घर ले जाएगा। लेकिन जब पीड़िता उसके घर पहुंची, तो सच्चाई बिल्कुल अलग निकली। आरोपी के माता-पिता और उसकी बहन ने न केवल लड़की के साथ मारपीट की, बल्कि उसे यह कहते हुए दुत्कार दिया कि वह उनकी जाति की नहीं है और उनके परिवार में दूसरी जाति की लड़की के लिए कोई जगह नहीं है।
22 फरवरी की रात को यह हैवानियत अपने चरम पर पहुंच गई। पीड़िता का आरोप है कि आदर्श उसके कमरे में शराब की तीन बोतलें लेकर पहुंचा। वह पूरी तरह नशे में था और उस पर पांचवां अबॉर्शन कराने का दबाव बनाने लगा। जब पांच महीने की प्रेग्नेंट महिला ने अपने होने वाले बच्चे की जान बचाने की जिद की, तो आदर्श ने उसे बुरी तरह पीटा। उसने रात 11 बजे उसके बाल पकड़कर उसे कमरे से घसीटते हुए सड़क पर फेंक दिया।
पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही युवती की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। जिस कमरे में वह किराए पर रह रही थी, उसके मकान मालिक ने भी आरोपी का साथ दिया और कमरे में ताला लगा दिया। पीड़िता के कपड़े और ज़रूरी सामान अंदर बंद हैं। महिला का कहना है कि उसके पास न तो खाने के पैसे हैं और न ही रहने की जगह। पिछले कई दिनों से वह भूखी-प्यासी है, सड़कों पर और जान-पहचान वालों के घरों में पनाह ढूंढ रही है।
पीड़िता का आरोप है कि वह पांच दिनों तक महिला थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिर में वह दरभंगा SSP के पास गई और अपनी व्यथा सुनाई। SSP के सख्त निर्देशों के बाद महिला थाने में FIR दर्ज की गई और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए DMCH भेजा गया। DMCH की नर्सों ने बताया कि महिला पांच महीने की प्रेग्नेंट है और इस हालत में मेडिकल जांच कराना रिस्की हो सकता है।
लहेरियासराय महिला थाना ऑफिसर मनीषा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है और सबूतों के आधार पर दोषी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो समाज के लिए एक मिसाल बनेगी।