
Datia By-Election - विधानसभा उपचुनाव के लिए दतिया में प्रचार के अंतिम चरण में दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस में जबर्दस्त घमासान नजर आ रहा है। बीजेपी की ओर से यहां 2 दर्जन से ज्यादा मंत्रियों को उतारा गया है। दतिया विधानसभा के अलग अलग क्षेत्रों में ये मंत्री पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के पक्ष में वातावरण बनाने का काम कर रहे हैं। बीजेपी के मंत्रियों का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस भी अपने दिग्गज नेताओं को दतिया में प्रचार के लिए उतार रही है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित करीब 20 बड़े नेता आज एक मंच पर दिखाई देंगे।
दतिया में कुशवाह समाज के 40 हजार वोटर्स हैं जोकि उपचुनाव में हार जीत का फैसला करने में निर्णायक साबित होंगे। समाज को लुभाने के लिए दोनों दलों के नेताओं का टेंशन बढ़ा हुआ है। कुशवाह समाज के इन वोटर्स को बीजेपी के पक्ष में करने के लिए सीएम मोहन यादव ने खुद कमान संभाली। वे सोमवार को समाज की बैठक में जा पहुंचे और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को वोट देने का आग्रह किया।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि बीजेपी संगठन और सरकार में कुशवाह समाज को खासा महत्व दिया गया है। उन्होंने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी सहित अनेेक नेताओं के नाम भी गिनाए। सीएम मोहन यादव ने पीतांबरा मंदिर में दर्शन किए और शहर में रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन भी किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के प्रचार के लिए एमपी के करीब 25 मंत्री दतिया में डेरा डालकर बैठे हैं। अब कांग्रेस उनके सामने अपने नेताओं की फौज उतार रही है। मंगलवार, 28 जुलाई को दतिया में पार्टी अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है जिसमें प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता एक मंच पर दिखाई देंगे।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह आएंगे। इनके अलावा पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, जयवर्धन सिंह, सचिन यादव, फूलसिंह बरैया सहित पार्टी के 20 से अधिक विधायक, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने का दावा किया गया है।
पार्टी नेताओं के अनुसार यह आयोजन केवल चुनावी सभा नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनता के समर्थन का प्रदर्शन होगा। कांग्रेस का मानना है कि इस शक्ति प्रदर्शन से पार्टी के पक्ष में वातावरण और मजबूत होगा।