
Datia News : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उप निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी पालन के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड (एफएस), स्टेटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) का पुनर्गठन कर संशोधित आदेश जारी किए गए हैं। सभी टीमों को तीन-तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी रखी जा सके।
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गठित टीमें लगातार क्षेत्र का भ्रमण करेंगी और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, अवैध नकदी, शराब, उपहार सामग्री तथा मतदाताओं को प्रभावित करने वाले अन्य प्रलोभनों पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
वहीं, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने चुनावी खर्च की निगरानी और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्टेटिक सर्विलांस टीमों का भी संशोधित गठन किया है।
वीडियो सर्विलांस टीमों को चुनाव प्रचार, सभाओं, रैलियों और अन्य चुनावी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन रिकॉर्डिंग का उपयोग निर्वाचन व्यय के सत्यापन के साथ आवश्यक होने पर साक्ष्य के रूप में भी किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि निर्वाचन आयोग की सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
उधर, मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए 17 जुलाई को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का द्वितीय रैंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कंम्प्यूटराइज्ड प्रक्रिया के माध्यम से मतदान केंद्रों के लिए मशीनों का आवंटन किया जाएगा।
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि, रिटर्निंग अधिकारी और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-तीन शिफ्टों में 24 घंटे निगरानी।
-राजस्व, कृषि, मंडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस बल तैनात।
-आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, अवैध नकदी, शराब और अन्य प्रलोभनों पर तत्काल कार्रवाई।
-एसएसटी करेगी सघन जांच प्रमुख चेक पोस्ट और संवेदनशील स्थानों पर तैनाती।
-वाहनों की जांच के साथ नकदी, शराब और उपहार सामग्री पर नजर।
-चुनावी खर्च और अवैध गतिविधियों की लगातार मॉनिट्रिंग।
-वीडियो सर्विलांस टीम की भूमिका चुनाव प्रचार, सभाओं और रैलियों की वीडियो रिकॉर्डिंग।
-निर्वाचन व्यय की निगरानी के लिए रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएंगे।