
Datia By-Election (टिकट विवाद के बीच भाजपा में डैमेज कंट्रोल Photo Source- patrika)
MP News :मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बदले जाने के बाद उपजे असंतोष को दूर करने के लिए पार्टी संगठन ने दतिया में डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी है। रविवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खुद मोर्चा संभालते हुए संगठन पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब पांच घंटे तक बैठकें कीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं की नाराजगी, चुनावी रणनीति और बूथ प्रबंधन को लेकर मंथन किया गया।
दतिया विधानसभा की बैठक में जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेशाध्यक्ष के सामने कार्यकर्ताओं की भावनाएं और जमीनी स्थिति रखी। उन्होंने कहा, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष है और उन्हें समझाना आसान नहीं हो रहा है। उन्होंने संगठन को बताया, लंबे समय से डॉ. मिश्रा के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं को साधना चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिलाध्यक्ष सहित सभी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि संगठन उनकी भावनाओं से अवगत है और सभी विषयों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी के निर्णय को स्वीकार करते हुए पूरी ताकत के साथ चुनाव अभियान में जुट जाएं। गौरतलब है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद रघुवीर सिंह कुशवाह ने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। इसके बाद संगठन स्तर पर उन्हें मनाने के प्रयास किए गए। अब पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता नाराज कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरने की है।
बैठकों में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने डॉ. नरोत्तम मिश्रा के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम किया, उसी ऊर्जा के साथ अब भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की जीत के लिए जुट जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा में संगठन का निर्णय सर्वोपरि होता है और कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं। इस दौरान भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी दतिया पहुंचे और संगठन की बैठकों में शामिल हुए।
पहली बैठक दोपहर 1 बजे से शाम 3.30 बजे तक चली, जिसमें जिलाध्यक्ष और सभी मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। इसके बाद शाम 4.15 बजे दूसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठकों में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
Updated on:
13 Jul 2026 09:01 am
Published on:
13 Jul 2026 09:01 am
