
Datia By Election (आज भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी भरेंगे नामांकन Photo Source- Patrika)
MP News : मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने से खफा समर्थकों का प्रदर्शन खत्म हो गया है। लेकिन भाजपा में अंदरखाने सियासी संग्राम जारी है। सीएम हाउस में सत्ता संगठन के साथ बैठक के बाद रविवार को नरोत्तम दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट की। अपना पक्ष रखा। टिकट कटने की बात भी कही। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि, उन्हें वहां से भी बैरंग ही लौटना पड़ा। नबीन ने अभी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में काम करने की नसीहत की है। मीडिया से मिश्रा ने कहा, पार्टी से बड़ा कोई नहीं। भाजपा छोड़ने के सवाल पर बोले- भाजपा में जन्में हैं तो यहीं मरेंगे। आज नरोत्तम तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे।
इधर, संगठन ने दतिया में डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दतिया पहुंचे। 5 घंटे बैठक कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया। इस बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपनी जीत के लिए ताकत झोंक दी है। भाजपा के कई बड़े नेता रविवार को ही दतिया पहुंच चुके हैं। कई नेता आज पहुंचेंगे।
आज भरे जाने वाले नामांकन के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद रहेंगे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भी सुबह 10 बजे नामांकन फॉर्म भरेंगे। इस दौरान पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री अजय सिंह, प्रियव्रत भी साथ रहेंगे।
रघुवीर सिंह कुशवाह: नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उन्हें समझाना आसान नहीं हो रहा। उनकी भावनाओं को साधना चुनाव के लिए अहम है।
खंडेलवाल (भरोसा दिलाते हुए..): संगठन आपकी भावनाएं जानता है। सभी विषयों पर विचार किया जा रहा है। कार्यकर्ता पार्टी के निर्णय को स्वीकार कर ताकत से चुनाव में जुटें।
खंडेलवाल कार्यकर्ताओं से..: जिस तरह आपने नरोत्तम जी के लिए मेहनत - समर्पण से काम किया। उसी ऊर्जा से प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की जीत के लिए जुटें। भाजपा में संगठन का निर्णय सर्वोपरि होता है। कार्यकर्ता की पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।
पत्रिका का सवाल- टिकट कटना राजनीतिक जीवन का कठिन मोड़ या नया अध्याय?
नरोत्तम का जवाब- पार्टी ने जो निर्णय लिया, सही लिया होगा। पार्टी ने बहुत दिया। 30 साल विधायक, 15 साल मंत्री रहा। और कितना देगी? नए को अवसर दिया, इसे मैं गलत नहीं मानता।
पत्रिका का सवाल- आप चुनाव लड़ने की तैयारी में थे?
नरोत्तम का जवाब- प्रयास करना चाहिए। निष्क्रिय नहीं बैठना चाहिए। पार्टी का काम ही कर रहा था।
पत्रिका का सवाल- नाम कटा, आपको कब पता चला? जब आपको पता चला। अब अपना भविष्य क्या देखते हैं?
नरोत्तम का जवाब- मनसा वाचा कर्मणा..आशुतोष के लिए लगेंगे।उन्हें जिताएंगे।
पत्रिका का सवाल- सीएम हाउस में क्या बात हुई?
नरोत्तम का जवाब- चुनाव जीतने और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे पर बात हुई। अध्यक्ष ने बोला ही था, कोई इस्तीफा नहीं स्वीकार होगा।
पत्रिका का सवाल- टिकट कटने से कार्यकर्ता उग्र हो गए?
नरोत्तम का जवाब- क्षणिक आवेश था। कुछ सरप्राइज होता है तो दूध में उबाल आ जाता है। पानी के छींटे मारो तो ठंडा हो जाता है। सब शांत हो गए। वे प्रदेश अध्यक्ष की बैठक में शामिल हुए।
पत्रिका का सवाल- दिल्ली जाने का विशेष कार्यक्रम था?
नरोत्तम का जवाब- कार्यक्रम पहले से तय था। एमपी भवन में किसी से मिलकर लौट आया। केंद्रीय गृहमंत्री व संगठन के लोग दिल्ली नहीं थे, तो मुलाकात का प्रश्न ही नहीं उठता।
पत्रिका का सवाल- भाजपा में हर बड़े पद की दौड़ में आप शामिल रहे, फिर ऐसा क्यों?
नरोत्तम का जवाब- आप लोग दौड़ में शामिल कर देते हैं। मैंने कभी राज्यसभा/लोकसभा कुछ मांगा नहीं। हां, विधानसभा लड़ने की इच्छा थी।
पत्रिका का सवाल- अब क्या करेंगे?
नरोत्तम का जवाब- दतिया में आशुतोष को जिताएंगे।
Updated on:
13 Jul 2026 07:03 am
Published on:
13 Jul 2026 06:58 am
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