
Datia By-Election:दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार नेताओं के भाषण नहीं, बल्कि खेतों में ट्रैक्टर चलाते और किसानों के साथ काम करते वीडियो चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेताओं के ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनकी तुलना करते हुए यूजर्स इसे नई 'ट्रैक्टर पॉलिटिक्स' का नाम दे रहे हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार का अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। नेताओं के भाषणों से ज्यादा उनके चुनावी प्रचार के अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के भतीजे नितिन तिवारी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे ग्राम लमायचा में किसान निर्मल यादव के साथ ट्रैक्टर चलाते, धान की रोपाई करते और खेत में हाथ बंटाते नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो के सामने आने से एक दिन पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में वे ग्राम सोनार में किसान कालीचरण पटेल के खेत में ट्रैक्टर चलाते दिखाई दिए थे। अब सोशल मीडिया पर यूजर्स नितिन तिवारी और जीतू पटवारी के वीडियो की तुलना कर रहे हैं।
दोनों वीडियो वायरल होने के बाद चुनावी गलियारों में 'ट्रैक्टर पॉलिटिक्स' की चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता किसानों के बीच पहुंचकर अलग-अलग अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं और उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी अपने समर्थकों और परिवार के साथ ग्रामीण इलाकों में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। ऐसे में खेतों में किसानों के साथ ट्रैक्टर चलाने और खेती-किसानी के काम में हाथ बंटाने की तस्वीरें और वीडियो चुनावी चर्चा का केंद्र बन गए हैं।