
Awadhesh Nayak- मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस नेता अवधेश नायक को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति हरीश चौधरी के अनुमोदन के बाद हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पवारी के हस्ताक्षर से यह नियुक्ति हुई है। गौरतलब है कि अवधेश नायक को सब्र का फल मिला है, वे टिकट नहीं मिलने के बावजूद भाजपा में नहीं गए और पार्टी उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार करते रहे।
मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद कांग्रेस ने सभी विभागों की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है, उसके बाद पहली नियुक्ति सभी को हैरान करने वाली है। दतिया में टिकट मांग रहे अवधेश नायक को टिकट नहीं देकर दतिया राजघराने के घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि घनश्याम सिंह चुनाव जीत गए हैं, लेकिन अवधेश नायक के भाजपा में जाने की अटकलें भी तेज हो गई थीं। वे भाजपा के संपर्क में भी थे, लेकिन अंत समय में कांग्रेस ने उन्हें भाजपा में जाने से रोक लिया।
दतिया के अवधेश नायक ने राजनीतिक की शुरुआत ही भाजपा से की थी। वे 1993 में बीजेपी में थे। इससे पहले वे आरएसएस की विचारधारा से जुड़े थे। दतिया नगर पालिका में पार्षद भी रहे। इसके बाद दतिया विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। बाद में उमा भारती ने जब भारतीय जनशक्ति पार्टी बनाई थी, तो वे उनके साथ चले गए थे। इसके बाद फिर बीजेपी में लौटे थे। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए नरोत्तम मिश्रा से उनकी कभी पटरी नहीं बैठी। इसी के कारण वे 2023 में कांग्रेस के साथ चले गए थे। कांग्रेस में जाते ही उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, फिर कुछ समय बाद ही कांग्रेस ने उनकी जगह राजेंद्र भारती को टिकट दे दिया था। राजेंद्र भारती ने उस समय नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया था।
दतिया उपचुनाव में भी अवधेश नायक उम्मीदवारों की रेस में शामिल थे। लेकिन, इस बार भी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उनके भाजपा में वापस जाने की अटकलें तेज हो गई थीं। दतिया उपचुनाव में अवधेश सिंह को कांग्रेस ने टिकट दिया था और उन्होंने भाजपा के आशुतोष तिवारी को हरा दिया था।
दतिया उपचुनाव में इस खबर ने सभी का ध्यान खींचा था। जब भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी कांग्रेस नेता अवधेश नायक से मिलने उनके घर पहुंच गए थे। जहां दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में आधा घंटे तक बातचीत हुई। अवधेश नायक उस समय भी उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार न बनाकर पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतार दिया था। इससे अवधेश आहत भी नजर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके निवास पर मिलने उनके घर पहुंच गए थे।