
दौसा। पत्नी से कथित अफेयर के शक ने एक चाचा को ऐसा हैवान बना दिया कि उसने अपने ही भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। पहले शराब पिलाकर सुनसान तलाई पर ले गया, फिर टूटी हुई कांच की बोतल से गले पर ताबड़तोड़ वार किए और उसे खून से लथपथ तड़पता छोड़कर घर जाकर सो गया। दो दिन बाद पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया।
जिले के सदर थाना क्षेत्र में सामने आए इस हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर दिया है। 21 जुलाई को भांडारेज मोड़ स्थित बालिका छात्रावास के पीछे तलाई के पास एक युवक का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान आरएन टैगोर नगर मान क्लब के पास रहने वाले 25 वर्षीय सौरभ रैगर के रूप में हुई। उसके गले पर गहरे जख्म थे, जिससे साफ था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।
मृतक के पिता ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया। एफएसएल और एमओबी टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई सौरभ के चाचा अशोक रैगर पर जाकर टिक गई।
दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अशोक को अपनी पत्नी और भतीजे सौरभ के बीच नजदीकियों का शक था। इसी शक ने उसके मन में बदले की आग पैदा कर दी और उसने हत्या की योजना बना डाली।
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई को अशोक ने सौरभ को शराब पीने के बहाने भांडारेज मोड़ के पास स्थित सुनसान तलाई पर बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। जब सौरभ नशे की हालत में था, तब आरोपी उसे तलाई की ओर ले गया। वहां उसने शराब की बोतल तोड़ी और उसके नुकीले कांच से सौरभ के गले पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सौरभ वहीं खून से लथपथ तड़पता रहा, जबकि आरोपी उसे मरने के लिए छोड़कर घर लौट गया और सामान्य दिनचर्या की तरह सो गया।
समय पर इलाज नहीं मिलने से सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी खुद को बेगुनाह दिखाने की कोशिश करता रहा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलिजेंस ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। सदर थाना पुलिस ने आरोपी अशोक रैगर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की पूछताछ जारी है।